उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को ग्लेशियर टूटने के बाद इलाके के आस-पास तबाही जैसा मंजर है। हादसे में कम से कम 100 से 150 लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है। कई अभी भी लापता हैं, जिन्हें ढूंढने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं, तपोवन डैम के पास एक निर्माणाधीन सुरंग में 20 मजदूर फंसे हुए हैं।

आईटीबीपी के डीजी एसएस देसवाल ने बताया कि घटनास्थल पर तैनात आईटीबीपी की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। हम लापता लोगों की जानकारी जुटाने के लिए एनटीपीसी के प्रबंधन दल के संपर्क में हैं। उन्होंने आगे बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि साइट पर लगभग 100 लोग काम कर रहे थे। इसमें से 9-10 लोगों के शव को बरामद कर लिया गया है। सर्च ऑपरेशन जारी है। इस समय घटनास्थल पर आईटीबीपी के 250 जवानों ने मोर्चा संभाल रखा है, जबकि सेना की टीम जल्द ही आने वाली है।

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि तपोवन डैम में फंसे 16 लोगों को बचा लिया गया है और पुलिस ने उन्हें सुरक्षित जगह पर पहुंच दिया है। भारतीय सेना ने तकरीबन 600 जवानों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भेजा है। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि दो Mi-17 समेत तीन चॉपर और एक ALH ध्रुव चॉप देहरादून में है, ताकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाई जा सके। जरूरत लगने पर और अधिक चॉपर की सेवा ली जाएगी।

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