कंडाघाट (सोलन)। उपमंडल कंडाघाट के तहत केथलीघाट के शुंगल गांव के समीप फोरलेन निर्माण कार्य के चलते उक्त ग्राम के 300 ग्रामीणों की लगभग

200 बीघा जमीन बंजर होने जा रही है। इससे ग्रामीणों को रोजी-रोटी के भी लाले पड़ सकते हैं। ग्रामीणों को अपनी ही जमीन में रास्ता नहीं मिल पा रहा।

कई बार कंडाघाट प्रशासन सहित एनएचएआई के उच्च अधिकारियों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क को बाधित करने के बारे में बताया जा चुका है, इसके

बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को झेलना पड़ रहा है। शुंगल गांव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़ा हुआ है।

यहां पर राष्ट्रीय उच्च मार्ग के साथ फोरलेन निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसके साथ उक्त सड़क का कुछ हिस्सा डायवर्ट किया जा रहा है। इससे

ग्रामीणों की 200 बीघा जमीन को जाने वाला मार्ग खतरे की जद में आ चुका है। ग्रामीणों ने चेताया है कि समस्या का अगर जल्द समाधान न किया तो प्रशासन समेत फोरलेन अधिकारियों का घेराव करने से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि,

ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री और प्रदेश मुख्यमंत्री को भी परेशानी के बारे में पत्र से सूचित किया है।
क्षेत्र के ग्रामीण रामेश्वर शर्मा, मनोज, कपिल, बालकिशन, भास्करानंद शर्मा, लक्ष्मीकांत शर्मा, उपेंद्र, सुरेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि फोरलेन बनने

के बाद 200 बीघा कृषि योग्य भूमि सड़क के अभाव से बंजर हो जाएगी। इससे रोजी-रोटी का जरिया खत्म होने की कगार पर है।

एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुना करने की बात कर रही है, वहीं फोरलेन अधिकारी किसानों की आय का साधन बरबाद करने पर तुले हैं।

सरकारी विभाग गांव को जोड़ने वाली सड़क को छीन रहे हैं। आय दिन ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार से समस्या के समाधान की मांग उठाई है।

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