समय पर बारिश न होने से गेहूं की फसल को पहुंचा नुकसान

समय पर बारिश न होने से हमीरपुर जिला की करीब 25 फीसदी फसल खेतों में खड़े – खड़े ही बर्बाद हो गई है । ऐसे में किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है । बारिश की कमी से गेहूं की पैदावार में भी काफी गिरावट दर्ज की गई है । फसलें भी समय से पहले ही पक गई हैं । ऐसे में गेहूं कटाई का कार्य भी जिला भर में जोरों पर चला हुआ है , ताकि फसलों को समय पर समेटा जा सके ।

आपको बता दें कि हमीरपुर जिला के करीब 76,140 किसान 35 हजार हेक्टेयर भूमि में खेतीबाड़ी का काम कर रहे हैं । हमीरपुर जिला में इस बार समय पर बारिश न होने से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है । गेहूं फसल को सबसे ज्यादा व नुकसान बमसन सुजानपुर ब्लॉक में हुआ हैं ।

यहां पर 35 से 40 फीसदी गेहूं को फसल पानी की कमी के चलते बर्बाद हो गई है । उसके उपरांत हमीरपुर , नादौन , भोरंज और बिझड़ी ब्लॉक को पहुंचा है । जिला भर में सिंचाई की सुविधा न होने से किसानों के खेत इस बार समय से पूर्व ही सूख गए हैं और किसानों ने कटाई का कार्य भी शुरू कर दिया है । किसान भी मौमस की बेरुखी से खासे परेशान हैं । उन्हें हर वर्ष प्रकृति के व्यवहार से खासा नुकसान झेलना पड़ रहा है ।

इस गेहूं फसल की मोटाई भी काफी कम गई है । किसान दिन – रात जंगली जानवरों से फसलों की रक्षा कर रहे हैं और आखिर में समय पर बारिश न होने से वैसे ही गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है । यही कारण है कि हमीरपुर जिला के किसान हर वर्ष खेतीबाड़ी से मुंह मोड़ रहा है । क्योंकि उन्हें गेहूं बीज व बिजाई का खर्च भी नसीब नहीं हो रहा । ट्रैक्टर बिजाई के रेट पहले ही आसमान छू रहे हैं और समय पर बारिश न होने से फसलें हर बार खराब हो रही हैं ।

हालांकि जिन किसानों ने गेहूं फसल का समय पर बीमा करवा रखा था, उन्हें जरूर सरकार की तरफ से मुआवजे के बर्बाद के तौर पर राहत मिल सके । ऐसे में ज्यादा से ज्यादा फसलों की बीमा करवाना सुनिश्चित करें , ताकि प्राकृतिक आपदा से को नुकसान पहुंचे , तो उन्हें समय पर सरकार से मुआवजा मिल सके । उपनिदेशक , कृषि विभाग जिला हमीरपुर डा . अतुल डोगरा ने कहा से कि हमीरपुर जिला में बारिश की गेहूं कमी के चलते करीब 25 फीसदी नसीब गेहूं की फसल खराब हो गई है रेट सबसे ज्यादा नुकसान बमसन व और सुजानपुर ब्लॉक में फसलें नुकसान को रिपोर्ट हैड ऑफिस हालांकि शिमला को भेज दी गई है , ताकि का हुआ है किसानों को नुकसान का समय मुआवजा मिल सके ।