देश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में आयोजित मिनी काॅन्क्लेव के दौरान आज 2219 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 93 समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किए गए, जिनमें से 1500 करोड़ रुपये के 63 एमओयू केवल पर्यटन क्षेत्र के लिए किए गए हैं। यह मिनी काॅन्क्लेव धर्मशाला में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ मीट को सफल बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस मिनी काॅन्क्लेव की अध्यक्षता की, जिसमें हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों के उद्यमियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जर्मनी, नीदरलैंड और यू.ए.ई. में तीन अंतरराष्ट्रीय रोड शो और दिल्ली, बैंगलुरू, हैदराबाद, मुम्बई, अहमदाबाद और चण्डीगढ़ में छः घरेलू रोड शो आयोजित किए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी रोड शो के दौरान व्यापारिक समुदाय ने हिमाचल में निवेश करने में अपनी विशेष रुचि दिखाई है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया है और यह प्रदेश प्रक्रियाओं में सुधार लाने में ‘फास्ट मूवर’ श्रेणी वाले राज्यों में सम्मिलित हो गया है। एकल खिड़की अनुश्रवण और स्वीकृति प्राधिकरण निवेशकों को दक्षपूर्ण, पारदर्शी, समयबद्ध सेवाएं और उत्तरदायी प्रशासन उपलब्ध करवाने में अपनी अह्म भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य का शांत और स्वच्छ वातावरण, सांस्कृतिक विविधता के साथ-साथ राज्य पर्यटकों को साहसिक गतिविधियां, वन्य जीवन, ईको पर्यटन, धरोहर, आध्यात्मिक, स्मारक, धार्मिक, स्कीईंग आदि विकल्प प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार दीर्घकालिक पर्यटन को प्रदेश की आर्थिकी का प्रमुख स्रोत बनाने और प्रदेश को वैश्विक दीर्घकालिक पर्यटन गतंव्य बनाने के लिए कृत संकल्प है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल का आरम्भ होने के साथ ही उन्होंने लोग कल्याण के लिए अनेक पग उठाने का निर्णय लिया, जिनमें से ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ मीट का आयोजन भी एक है। प्रदूषणमुक्त वातावरण, निवेशक अनुकूल नीतियां और उत्तरदायी प्रशासन हिमाचल प्रदेश को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक प्रदेश सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में 41000 करोड़ रुपये के 419 एमओयू हस्ताक्षरित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत एवं गतिशील नेतृत्व में देश की तीव्र प्रगति सुनिश्चित हुई है।

उन्होंने कहा कि मनाली में आयोजित मिनी काॅन्क्लेव का उद्देश्य राज्य के उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं का अनुश्रवण और उनका निपटारा सुनिश्चित करना है ताकि वे ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ मीट का अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य के उद्यमियों के सहयोग के बिना बाहरी राज्यों से आने वाले निवेशक राज्य में निवेश नहीं कर सकते। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों सेे ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ मीट में भाग लेने और राज्य की प्रगति में अपना योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विचार कर रही है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ मीट का राज्य में आयोजन करने में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की व्यक्तिगत रूचि है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेय द्वारा विशेष औद्योगिक पैकेज दिए जाने के बाद राज्य में अभूतपूर्व औद्योगिक विकास हुआ, लेकिन पैकेज के पूरा होने के उपरान्त राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष बल प्रदान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में सराहनीय प्रगति की है और इस क्षेत्र में निजी निवेश की व्यापक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने की व्यापक सम्भावनाएं हैं।

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने और निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापार में सुगमता के लिए विशेष प्रयास कर रही है और राज्य में शान्त वातावरण और अनुकूल व्यापारिक परिस्थितियां हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग ने राज्य में औद्योगिक इकाइयांे को स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान करने के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ मीट में आने के लिए उद्यमियों को आमंत्रित किया।

वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के गतिशील नेतृत्व में प्रदेश प्रगति और उन्नति के पथ पर आग्रसर है। उन्होंने कहा कि जय राम ठाकुर के दूरदर्शी नेतृत्व में 85000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट की अवधारणा पर विचार किया गया।

मुख्य सचिव डाॅ. श्रीकांत बाल्दी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इस काॅन्क्लेव का मुख्य केन्द्र पर्यटन, स्वास्थ्य और वेलनेस है। उन्होंने कहा कि राज्य में इस समय एक लाख पर्यटकों की क्षमता है, जिसे और बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री, मंत्रियों, अधिकारियों और कुल्लू-मनाली क्षेत्र के निवेशकों का स्वागत किया।

निदेशक उद्योग हंस राज शर्मा ने इस अवसर पर निवेशकों को राज्य की नई उद्योग नीति के सम्बन्ध में जानकारी दी। उन्होंने इस अवसर पर राज्य द्वारा निवेश प्रक्रिया को सरल करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के सम्बन्ध में जानकारी दी और प्रदेश में निवेश करने के कारणों का उल्लेख किया।

विधायक होशियार सिंह और सुरेन्द्र शौरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुण्डू, निदेशक स्वास्थ्य ए.के. गुप्ता, निदेशक पर्यटन युनूस, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक जे.पी. कालटा, पीसीसीएफ अजय कुमार, उपायुक्त कुल्लू डाॅ. रिचा वर्मा, राज्य एवं बाहरी राज्यों के उद्यमी भी अन्य सहित इस अवसर पर उपस्थित थे।

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