मंडी में भारी बारिश से करीब 177 करोड़ का नुकसान।

बीती रात से मंडी जिला में हो रही भारी बारिश ने कहर बरपा कर रख दिया है। इस भारी बारिश के कारण जिला की 84 सड़कें और बिजली के 529 ट्रांस्फॉर्मर पूरी तरह से ठप्प हो गए हैं। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे भी वीरवार दोपहर तक पूरी तरह से बाधित रहा। हालांकि हाईवे को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है, लेकिन यहां पर इस मौसम में सफर करना खतरे से खाली नहीं है।

सात मील के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक जीप को भारी नुकसान हुआ है। वही, वॉल्बो बस और एक ट्रक इन पत्थरों की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। इनमें सवार लोगों ने समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पनाह ले ली थी, जिसके चलते कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। जिला की बल्हघाटी में भारी बारिश के कारण भारी जलभराव हो गया। सड़कें पानी में डूब गई, और चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। लोगों के वाहन सड़क पर चलने के बजाय तैरते हुए नजर आए और लोग वाहनों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे रहे।

एडीएम अश्वनी कुमार ने बताया कि मंडी जिला में बरसात के मौसम के दौरान अभी तक 177 करोड़ का नुकसान आंका जा चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग का 125 करोड़ जबकि जल शक्ति विभाग का 49 करोड़ का नुकसान शामिल है। वहीं, जिला के 76 लोगों के घरों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसका आंकलन 84 लाख के करीब किया गया है। एडीएम ने लोगों से अपने घरों पर रहने की अपील की है। बारिश के मौसम में किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन से संपर्क साधने का आह्वान किया है।

वहीं, भारी बारिश के कारण ब्यास नदी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में पंडोह डैम से भी भारी मात्रा में पानी छोड़ दिया गया है। डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं और बिजली उत्पादन को बंद कर दिया गया है। बीबीएमबी के अधिशाषी अभियंता ई. राजेश हांडा ने बताया कि वीरवार दोपहर से डैम की फ्लशिंग का कार्य शुरू हुआ है, जो कल सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा। इस बारे में लोगों से नदी से दूर रहने की अपील भी की गई है।