सुंदरनगर के डैहर स्थित बाल आश्रम में बच्चो की हो रही निर्मम पिटाई के चलते सातवीं कक्षा के एक छात्र अमन (11) की मौत के मामले में संस्थान प्रबंधन व बाल कल्याण समिति मंडी पर परिजनों और ग्रामीणों ने लापरवाही व गैर जिम्मेदारी के आरोप लगाए है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सोमवार को डैहर में मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंप कर मामला उनके सामने रखा। ग्रामीणों ने बाल आश्रम डैहर का सरकारीकरण करने की मांग भी की।
मृतक के मामा रमेश व चाचा लालमन ने मुख्यमंत्री को बताया कि लम्बे समय से हो रही मारपीट से बुरी तरह से बीमार पड़ चुके बच्चे को संस्थान में ही रखा गया था न तो उसका उचित इलाज करवाया गया न ही पुलिस में ही मामला दर्ज करवाया। लगातार मामले को दबाया जाता रहा। लापरवाही के लिए जिला बाल कल्याण विभाग भी बराबर का जिम्मेदार है। एक सीनियर छात्र द्वारा बच्चों को लम्बे समय से लोहे की रॉड से मारा जाता था उन्हें देर रात तक प्रताडि़त किया जाता था।
बच्चों द्वारा शिकायत करने पर स्टाफ व प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती थी। बाल कल्याण विभाग जिसकी जिम्मेदारी थी कि वह रूटीन में संस्थान का निरीक्षण करे लेकिन वह भी फर्जी रिपोर्ट तैयार करता रहा और असल हालात पर पर्दा डालता रहा और संस्थान के लोग ऊंची पहुंच के है। इनमें कुछ वकील व राजनीतिक पहुंच के चलते मामले को दबाने की कोशिश हो रही है।
ग्रामीणों ने बाल कल्याण समिति की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा किया। उनका आरोप है कि बाल कल्याण संरक्षण अधिकारी निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति करते थे जबकि पिछले एक वर्ष से बाल गृह में बच्चों का उत्पीडऩ हो रहा था।

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