मंडी और कुल्लू बार्डर पर बंजार के भयोट मोड़ पर वीरवार को हुए निजी बस हादसे में अभी तक 45 लोगो की जान जा चुकी है और 34 लोग घायल है। जिसमे 31 का इलाज कुल्लू अस्पताल तो 3 का इलाज नेरचौक मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इस हादसे ने 2 जिलों की जनता

को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में बंजार सराज जिभी, थाचाधार, खनार, मोहणी, खाबल, मोहणी, पेड़चा, डिम्बरचाहड़ी, पाटन और मंडी सराज के खौली गांव में मातम पसर गया है।

वीरवार शाम 4 बजे निजी बस में बंजार बस स्टैंड से कॉलेज के छात्र और स्वास्थ्य कार्ड बनवाने आए कई परिवार सवार थे। बस शाम 5 बजे सीएम जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र के खौली पहुंचनी थी। जिसमें खौली के 50 से अधिक लोग सवार हो गए।

बारिश के कारण बचाव कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ा। हादसे की सूचना मिलते ही इस पंचायत के लोग निजी वाहनों द्वारा मौके पर पहुँचे और अपनों को तलाशने में जुटे। मगर किसी को भाई, किसी और पत्नी तो किसी को पिता की लाश

मिली। मौके का मंजर देख राहत कार्य में लगे लोगों की हिम्मत भी जवाब दे गई। लाशों को उठाने की बजाए, चीखते-चिल्लाते महिलाओं और बच्चों को संभालने में लग गए।

हैरानी इस बात की भी है कि पहाड़ी रास्तों पर आज तक सैकड़ों हादसे पेश आ चुके हैं, लेकिन हादसों से कोई भी सबक लेने को तैयार नहीं है। यह बस हर रोज यात्रियों से खचाखच भर कर जाती थी। मगर आज तक प्रशासन और पुलिस की टीम बस चालक पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर पाई क्योंकि पुलिस और प्रसाशन भी एक बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था, जो वीरवार को सामने आया।

कुल्लू-मंडी की सीमा में कई बड़े हादसे हुए हैं, जिनमें 2013 का झीड़ी बस हादसा भी शामिल है, जिसमें बस गिरने से 47 लोग मारे गए थे। लोगों की मानें तो इस निजी बस में कभी भी कोई एक चालक नहीं होता था, कभी बस में जीप चालक उसे चलाता था तो कभी टिप्पर चालक उसे चलाते हुए देखा गया है। बस में यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के कारण बस में कम किराया वसूला जाता था, जिसके कारण लोग हर रोज इसी बस में सफर करते दिखाई देते थे।Desk

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