किसानों का ऐलान, ग्रोवर के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे किसान संगठन।

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[metaslider id=8121] अजय ठाकुर एनसीआर – हरियाणा के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने धरने पर बैठे किसानों से माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि मेरी तरफ से कोई गलत इशारा नहीं किया गया है। यदि किसी के पास सबूत है तो वह सबूत पेश करें जो सजा मिलेगी मुझे मंजूर है, लेकिन किसी के दबाव के आगे नहीं झुकूंगा और माफी किसी भी सूरत नहीं मांगूंगा। साथ ही मनीष ग्रोवर ने आरोप लगाया कि यह किसान नहीं बल्कि वह लोग हैं जिनके झंडे को जनता नकार चुकी है। अब वह किसानों का झंडा आगे करके अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। इस सिलसिले में मनीष ग्रोवर ने हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम से वाकिफ करवाया।

 

पूर्वमंत्री मनीष ग्रोवर द्वारा माफी मांगने से इनकार के बाद किसान संगठन भी अड़ गए हैं। ग्रोवर के घर से कुछ दूरी पर मंगलवार को शुरू किए गए धरने को अब बड़ा आंदोलन बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यहां पक्का धरना लगाया जाएगा, बारिश को देखते हुए सारे इंतजाम किए जाएंगे और धरने पर लोगों की संख्या बढ़ाई जाएगी। दोनों पक्षों के अड़ने से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि धरना शहर के बिल्कुल बीचोंबीच लगा है।

पूर्वमंत्री ग्रोवर पर हिसार में महिला प्रदर्शनकारियों को भद्दा इशारा करने का आरोप लगाकर संगठनों ने मंगलवार को धरना शुरू किया था। मंगलवार देर शाम प्रशासन ने वीडियो कॉल के माध्यम से ग्रोवर से माफी मंगवाने की पेशकश की थी, जिसे संगठनों ने नकार दिया था। बुधवार को स्थिति और खराब हो गई। ग्रोवर ने स्पष्ट कह दिया कि वह माफी नहीं मांगेंगे, इसके बाद संगठनों ने भी कड़ा रुख अपना लिया।

 

कल देर शाम को तमाम संगठनों की दो स्तर में बैठक हुई। पहली बैठक में स्थानीय और बाहरी सभी संगठन थे, उसमें फैसला लिया कि धरने को बड़े आंदोलन में तब्दील किया जाएगा। उसी में यह भी चर्चा हुई कि बारिश की वजह से काफी असुविधा हुई। अगर पक्का धरना लगाना है तो पूरे प्रबंध करने होंगे। उसके बाद रोहतक के संगठनों की बैठक में यह फैसला लिया गया कि वे धरने के सारे प्रबंध करेंगे। जबकि, बाहरी संगठन धरने में लोगों की संख्या बढ़ाने पर जोर देंगे। उसी बैठक में वाटरप्रूफ टेंट लगाने और तख्तों का मंच बनाने का भी फैसला किया गया। रात करीब आठ बजे टेंट वाला मुआयना करने पहुंच गया था। जेनरेटर, लाइटें और पंखे पहले ही आ गए थे। महिलाओं के रात को ठहरने और शौचालय के इंतजाम भी स्थानीय संगठन करेंगे। चाय और खाने का प्रबंध खरावड़ धरने से किया जा रहा है, संभव है कि एक-दो दिनों में धरनास्थल पर ही खाना बनाने का भी इंतजाम हो जाए।

 

पूर्वमंत्री के डीएलएफ कॉलोनी स्थित आवास से कुछ दूरी पर स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के पास धरना चल रहा था। अचानक बारिश होने लगी, जिससे धरने पर बैठी महिलाएं भीग गईं। यह देख कर डीएलएफ कॉलोनी की एंट्री पर लगे अवरोधक के दूसरी तरफ एक दुकान की छत के नीचे खड़े पुलिसकर्मी हंसने लगे। इससे महिला प्रदर्शनकारियों को गुस्सा आ गया। वे एकाएक ग्रोवर के घर की तरफ दौड़ पड़ीं, उन्होंने देखते ही देखते दो अवरोधक गिरा दिए।

शांतिपूर्ण धरने में अचानक ट्वीस्ट देख कर पुलिसकर्मियों के भी हाथ-पैर फूल गए। वे भाग कर अवरोधकों पर पहुंचे। कुछ ही मिनट में महिला प्रदर्शनकारी खुद ही पीछे हट गईं, क्योंकि अब बात बराबरी की हो गई थी, प्रदर्शनकारियों के साथ अवरोधकों के दूसरी तरफ खड़े पुलिसकर्मी भी भीग रहे थे। उसके बाद बारिश में भी प्रदर्शनकारी डटे रहे, भाषण, नारेबाजी और गीत चलते रहे। धीरे-धीरे धरनास्थल पर काफी जलभराव हो गया तो प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक लाकर उन्हें गिरा लिया और उन पर बैठ गए, लेकिन प्रदर्शन पूरी बारिश में भी जारी रहा। किसान नेताओं ने बस और गाड़ियां मंगवाईं ताकि महिलाओं को भेजा जा सके, लेकिन वे नहीं मानीं, कोई भी धरनास्थल छोड़कर नहीं गया। बारिश रुकने के बाद प्रदर्शनकारी स्थानीय लोगों के घर गए ताकि कपड़े बदल सकें। बुधवार को बारिश की वजह से धरने में व्यवधान जरूर पड़ा, लेकिन वीरवार से व्यवस्थित ढंग से धरना चलेगा।
किसान नेता डॉ. अजय बल्हारा ने बताया कि इस जगह पर जब भी जलभराव होता है प्रशासन मोटर चला कर 10 मिनट में पानी निकाल देता है, लेकिन आज ऐसा नहीं किया गया। इसके चलते प्रदर्शनकारी बारिश में तो भीग ही रहे थे, नीचे भी घुटनों तक पानी था, जिसमें सीवरेज भी मिला था। इस कारण लोगों के पैर ही गल गए।
किसान सभा के जिला सचिव सुमित दलाल ने बताया कि धरने में मय्यड़, कितलाना, खटकड़, रोहद, मकड़ौली, मदीना टोल पर चल रहे धरनों से किसान शामिल हुए। कुछ खाप प्रतिनिधि भी पहुंचे। धरने को बीकेयू चढूनी के सुमन हुड्डा, राजू मकड़ौली, जगमति सांगवान, किसान सभा के इंद्रजीत सिंह, बलवान सिंह, प्रीत सिंह, बीकेयू से रवि आजाद, भारती किसान संघर्ष समिति से विकास सिसर, कुलदीप खरड़, डिंपी पहलवान, रणधीर काला, कैप्टन शमशेर मलिक, पिंक धरने से डॉ. अजय बल्हारा, रामकुमार अहलावत, पूनम, अनीता, किसान प्रतिष्ठा मंच से मुकेश खासा, राजपाल कलकल, धर्म कौर, बिजेंद्र बालियान, राजकुमार ओहलन, गीता राठी, मूर्ति देवी, सविता, जगफूल सांगवान, महेंद्र जेवली, राजेश बूरा ने संबोधित किया।

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