बिलासपुर: प्रति दिन बढ़ती जा रही है आवारा पशुओं की तादाद।

बिलासपुर घुमारवीं : 28 मार्च 2022 हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के घुमारवीं के विभिन्न क्षेत्रों में जैसे कि कुठेडा, प्लासी, बलद्वाडा,जाहू में दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही आवारा पशुओं की तादाद को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है।
कई लोगों को इन आवारा पशुओं ने मौत के घाट उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
आपको बता दें कि किसानों की फसल को तबाह करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है।
वषों से चलती आ रही यह समस्या किसी भी सरकार ने इसका हल करने की कोशिश नहीं की।
बता दें कि पिछले साल घुमारवीं के दकडी गांव के व्यक्ति को आवारा पशु ने बहुत ही बड़ी बेहरहमी से मारा गया। और दुसरी घटना
पिछले साल की करें तो जाहू के समीप एक फौजी को बैल ने अपने सींगों पर उठाकर बुरी तरह से मार दिया था।
लेकिन फिर भी सरकार ने इन आवारा पशुओं इसके बारे कुछ नहीं कर पाईl
जाहू, बल्द्धाडा, में बेसहारा पशु् कहीं सड़कों धुमते हुए नजर आ रहे हैं,
बता दें कि आजकल अधिक मात्रा में पशुओं के झुंड सड़कों के बीच बैठे होने के कारण ज्यादातर मोटरसाइकल सवार को वाहन चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, डर लगा रहता है कि कहीं पशु हमाला न कर दे।
हमारा पशुधन आज भी दर दर भटक कर जिंदगी और मौत के बीच जूझने में विवश हैं।अब तो आवारा पशुओं को हाइवे और हर छोटी-बड़ी सड़कों पर आम देखा जा सकता है।

हालांकि प्रदेश सरकार उच्च न्यायालय ने सभी पंचायतों को बेसहारा पशुओं के संरक्षण के लिए गौसदन बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं ताकि पंचायत क्षेत्र में धूम रहें बेसहारा पशुओं को वहां रखा जा सके। प्रदेश सरकार को चाहिए कि पशुओं के संरक्षण के लिए कड़े कानून लागू करें ताकि बेसहारा पशुओं को अच्छा संरक्षण प्राप्त हो सकें।

जबकि इन पशुओं की बेबसी की ओर किसी का ध्यान नहीं।ये पशु कहीं गाड़ियों की चपेट में आने से मर रहे हैं। लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। बेसहारा पशुओं के संरक्षण एवं आश्रय के लिए सरकार द्वारा पंचायत स्तर पर गौ सदन बनाने की योजनाएं अभी तक कागजों में ही सीमित है।

इस दिशा में फिलहाल कुछ जगह को छोड़कर अन्य कहीं भी कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। प्रदेश सरकार को चाहिए कि पशुओं के संरक्षण के लिए कड़े कानून लागू करें ताकि बेसहारा पशुओं को अच्छा संरक्षण प्राप्त हो सकें।