धाड़ता क्षेत्र को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए चलेगा अभियान।

चिट्टा मुक्ति जागरूकता अभियान समिति ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन और गांव गांव जनसमर्क की बनाई योजना—
टिहरा मण्डी) —
आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर धर्मपुर उपमण्डल के धाड़ता क्षेत्र में बढ़ते चिट्टे व नशीली दवाओं के सेवन के ख़िलाफ़ जन अभियान शुरू किया गया। नशे को रोकने के लिए कड़े क़दम उठाने की मांग को लेकर आज टिहरा नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चिट्टा मुक्ति जागरूकता अभियान समिति की सयोंजिका डॉक्टर लत्ता पठानिया सह सयोंजक राकेश शर्मा और अरुण अत्री और पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने किया।जागरूकता समिति ने प्रथम चरण में 15 जून तक सभी गांवों व पंचायतों में चिट्टे के सेवन से हो रहे नुक़सान बारे पर्चा और पोस्टर वितरण तथा बैठकें आयोजित की जाएंगी।दूसरे चरण में युवक मण्डलों का सम्मेलन आयोजित किया जायेगा, और शिक्षण व परिशिक्षण संस्थानों में भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।मुख्यमंत्री को भेजे गए पांच सूत्रीय माँगपत्र में टिहरा उप तहसील व साथ लगते क्षेत्रों में बढ़ते चिट्टे व नशीली दवाओं की सप्लाई बंद करने के लिए कड़े कदम उठाने, चिट्टे की सप्लाई में सलिप्त लोगों पर आपराधिक मामले दर्ज करके उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने, शिक्षण संस्थानों के आसपास गुप्त निगरानी कमेटियां गठित करने,समाजिक तौर पर चिट्टे के ख़िलाफ़ ग्राम पंचायतों, महिला मण्डलों, युवक मण्डलों, समाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और नशा मुक्ति के लिए बेहतर सहयोग देने वाली संस्थाओं को पुरस्कृत भी किया जाये तथा नशे सबंधी सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाए और इसके लिए टोल फ्री नंबर जारी किया जाये। जागरूकता अभियान समिति की सयोजिका लता पठानिया ने इस मौके पर का की नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने में सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए और अभिभावकों को अपने बच्चों पर विशेष तौर पर नज़र रखनी होगी अन्यथा धाड़ता को नशा मुक्त बनाना बहुत मुशिकल काम है।पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि नशे की सप्लाई को रोकने में सरकार व पुलिस प्रशासन पूरी तरह से फ़ेल है और सप्लायरों को राजनैतिक सरंक्षण मिला हुआ है जिसके कारण पुलिस निष्पक्ष जांच व कार्य नहीं कर पा रही है।उन्होंने कहा कि पिछले दिनों थहड़ु सरौन गांव के युवक की मृत्यु की गुथी अभी तक भी उलझी हुई है और न ही अन्य चिट्टा सप्लायरों को अभी तक पुलिस पकड़ नहीं पाई है।