हिमाचल में बिजली नेटवर्क मजबूती के लिए केंद्र देगा 3663 करोड़ रुपये।

बिजली नेटवर्क की मजबूती के लिए केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को 3663 करोड़ रुपये देगी। आपको बता दें कि असम और आंध्र प्रदेश के बाद प्रदेश के लिए केंद्र ने बिजली वितरण क्षेत्र सुधार योजना मंजूर की है। योजना के तहत ट्रांसफार्मरों की स्थापना सहित गुणवत्ता मीटरिंग और पुराने बिजली वितरण नेटवर्क में सुधार लाया जाएगा। वहीं, केंद्र ने विद्युत हानियों में कमी से संबंधित और प्री पेड स्मार्ट मीटरिंग के लिए कार्य योजना और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी दी है।

वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी धीमान ने बताया कि इस योजना की कुल लागत 3663.30 करोड़ रुपये है। योजना के मुख्य कार्यों में 1778.49 करोड़ के परिव्यय से मौजूदा फीडर मीटर, वितरण ट्रांसफार्मर मीटर और उपभोक्ता मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदला जाएगा।

1884.81 करोड़ से वर्तमान वितरण अधोसंरचना के सशक्तिकरण, नवीनीकरण, संवर्धन यानी हानियों में कमी लाने संबंधी कार्य शामिल हैं। परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए केंद्र 2096.49 करोड़ रुपये वित्तीय सहायता बोर्ड को देगा। इसमें 409.16 करोड़ रुपये स्मार्ट मीटरिंग संबंधित कार्यों के लिए और 1696.34 करोड़ रुपये हानियों को कम करने संबंधित कार्यों के लिए होंगे। यह पूरी योजना वित्तीय वर्ष 2025 तक संपन्न होगी। इस योजना के अंतर्गत जहां 1753 नए विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापित होंगे, वहीं 4858 विद्युत ट्रांसफार्मरों का संवर्धन किया जाएगा। 33 केवी के दस नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना और 18 विद्युत उपकेंद्रों का संवर्धन भी होगा। उपभोक्ता, ट्रांसफार्मर और फीडरों से संबंधित लगभग 28 लाख मीटर बदले जाएंगे। नई केबल बिछाई जाएगी। 43 शहरों में स्काडा प्रणाली अपनाई जाएगी।

बताते चलें कि योजना के लिए धनराशि का प्रावधान केंद्र द्वारा निर्धारित 24 परिणाम से जुड़े मापदंडों की प्रगति पर नियंत्रित किया जाएगा। इन्हीं परिणामों के आधार पर विद्युत वितरण प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने संबंधी एक योजना बनाई जाएगी। इसकी लागत लगभग दो हजार करोड़ रुपये अनुमानित है। इस योजना में भी बड़ी संख्या में नए विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर और उप केंद्र एचटी, एलटी लाइनें, केबल और विद्युत नेटवर्क को सशक्त करने के कई कार्य शामिल होंगे। इस तरह यह योजना 5663 करोड़ रुपये की कुल लागत की हो जाएगी।