मोहिनी यादव मुंबई – महाराष्ट्र में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है. हर रोज रिकॉर्ड नए मामले सामने आ रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में नए संक्रमितों के सामने आने से अस्पतालों में बेड्स, दवाएं और ऑक्सीजन की भारी कमी हो चुकी है. हर ओर चीख-पुकार मची हुई है. दवाओं के अभाव में मरीज तड़प-तड़प कर मर रहे हैं. सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र प्रशासन की पोल खोलती कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं. इनमें से एक तस्वीर देखकर आपका दिल कांप जाएगा. आंखों से आंसू निकल पड़ेंगे. दिल दहला देने वाली ये तस्वीर महाराष्ट्र के बीड से सामने आई है. इस तस्वीर में महाराष्ट्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की कितनी कमी है ये साफ नजर आ रहा है.

तस्वीर में दिख रहा है कि एक एंबुलेंस के अंदर 22 लाशों को ठूंस-ठूंस कर रखा गया है. जानकारी के मुताबिक ये तस्वीर बीड जिले के अंबाजोगाई में स्वामी रामानंद तीर्थ अस्पताल की है. यहां कोरोना से मरने वाले 22 मरीजों के शव रविवार को एक ही एम्बुलेंस में लादकर कब्रिस्तान ले जाया गया था. अस्पताल की दलील है कि उसके पास एंबुलेंस नहीं है. मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर शिवाजी शुक्रे ने बताया कि ‘अस्पताल प्रशासन के पास मुनासिब एंबुलेंस नहीं हैं, जिसकी वजह से ऐसा हुआ.

उन्होंने कहा कि उनके पास पिछले साल कोरोना के पहले दौर में पांच एंबुलेंस थीं. उनमें से तीन को बाद में वापस ले लिया गया और अब अस्पताल में दो एंबुलेंस में कोरोना मरीजों को लाया और ले जाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ‘कभी-कभी, मृतकों के संबंधियों को ढूंढने में समय लग जाता है. लोखंडी सवारगांव के कोविड-19 केन्द्र से भी लाशों को हमारे अस्पताल में भेजा रहा है क्योंकि उनके पास कोल्ड स्टोरेज नहीं है.’ उन्होंने बताया कि उन्होंने 3 और एंबुलेंस मुहैया कराने के लिये 17 मार्च को जिला प्रशासन को पत्र लिखा था.

इस तस्वीर के सामने आने के बाद अधिकारियों का कहना है कि 22 में से 14 मरीजों की मौत शनिवार को हो गई थी जबकि बाकी की मौत रविवार को. 9 की मौत लोखंडी सवरगांव जंबो कोविड सेंटर में हो गई थी. बीड जिला कलेक्टर रविंद्र जगताप ने कहा कि ‘मैंने अंबाजोगई अडिशनल कलेक्टर को जांच के आदेश दिए हैं. हम दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे.’