केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ऑक्सीजन तैयार करने के लिए देश भर में 162 पी.एस.ए. प्लांट स्थापित करने थे जिसमें एक पी.एस.ए. प्लांट टांडा मेडिकल काॅलेज में भी स्थापित होना था। जानकारी के अनुसार इसी कड़ी में पिछले वर्ष नवंबर महीने केंद्र सरकार द्वारा एक पत्र भी टांडा मेडिकल काॅलेज प्रशासन को मिला था जिसमें केंद्र ने टांडा मेडिकल प्रशासन को इस प्लांट को स्थापित करने के लिए भूमि का चयन करके उसे प्लांट को स्थापित करने के लिए तैयार करनी थी।

केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले इस प्लांट के लिए हॉल टांडा प्रशासन ने दिसंबर महीने में ही तैयार कर दिया था लेकिन आज दिन तक उस प्लांट में मशीनरी नहीं लग पाई है।

यदि यहां ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया होता तो ऑक्सीजन की खल रही कमी को भी पूरा किया जा सकता था। टांडा प्रशासन का कहना है कि उन्हें मात्र जगह तैयार करने के निर्देश थे। जिसमें प्रशासन द्वारा एक हॉल इस प्लांट को स्थापित करने के लिए बना दिया था। इसके आगे के कार्य के लिए मशीनरी लगाने के लिए केंद्र सरकार ने ठेकेदार को कार्य सौंपा था जो कि आज दिन तक तैयार नहीं हो सका।

प्रशासन का कहना है कि इस प्लांट को स्थापित करने के लिए कई बार प्रशासन द्वारा केंद्र सरकार द्वारा शिमला में बनाए गए नोडल अधिकारी को अवगत भी किया जा चुका है। लेकिन फिलहाल इस बारे में कोई भी नई जानकारी प्रशासन को नहीं है।

हिमाचल प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल डॉ राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में पी.एस.ए. ऑक्सीजन बनाने का प्लांट केंद्र सरकार द्वारा आरंभ किया जाना था। इस प्लांट से हवा द्वारा ऑक्सीजन तैयार की जानी थी। 900 लीटर प्रति मिनट से बनाई जाने वाली ऑक्सीजन का प्लांट टांडा में केंद्र सरकार द्वारा बनाया जाना प्रस्तावित था।

टांडा मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ. भानु अवस्थी का कहना है कि 900 लीटर प्रति मिनट से बनाई जाने वाली ऑक्सीजन का प्लांट टांडा में केंद्र सरकार द्वारा बनाया जाना प्रस्तावित था जिसके लिए केंद्र सरकार ने उन्हें एक हॉल बनाने के निर्देश दिए थे जोकि दिसंबर महीने में बनाकर तैयार कर दिया था।

टांडा मेडिकल काॅलेज के संयुक्त निदेशक कुलवीर राणा का कहना है कि प्रशासन ने केंद्र सरकार द्वारा मिले निर्देशों के बाद पी.एस.ए. प्लांट स्थापित करने के लिए जगह तैयार कर दी थी तथा इस बारे में कई बार पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नोडल अधिकारी को सूचित भी किया जा चुका है।