नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव न होने से ठप पड़े हैं सारे विकास कार्य : जयराम ठाकुर

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार हर तरफ़ से तानाशाही की तरफ़ बढ़ती जा रही है। प्रदेश में नगर निगमों के मेयर और डिप्टी मेयर का ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो गया है लेकिन सरकार चुनाव नहीं करवा रही है।जिसके कारण बहुत से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आपदा राहत और पुनर्निर्माण और पुनर्वास के कार्यक्रमों में बहुत देरी हो रही है। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने सरकार द्वार नगर निगमों, नगर पंचायतों को जारी किए गए धन की आधि राशि वापस मांगने पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह बचकानी हरकत है। जो पैसे भेजे गये थे, उन पैसों से निर्धारित योजनाओं पर काम शुरू हो गए हैं। कुछ काम पूर्ण होने की कगार पर हैं ऐसे में वह धनराशि वापस कहां से आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आए दिन कोई न कोई ऐसा काम करती है जो सिर्फ़ अपरिपक्वता से भरा हुआ और हास्यास्पद लगता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा की वजह से प्रदेश भर में भारी नुक़सान हुआ है। इस नुक़सान से उबरने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार संस्थाओं का सुचारू रूप से कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में जब मेयर और डिप्टी मेयर जैसे अहम पदों पर कोई नहीं होगा तो राहत और पुनर्वास के काम प्रभावी तौर पर कैसे हो सकते हैं। मेयर किसी शहर का पहला नागरिक होता हैं।, उसके कार्यक्षेत्र में सभी प्रमुख कार्यों में उनकी अहम भूमिका होती है। जनता द्वारा चुने जाने के कारण जनता के पार्टी उनकी भी जवाब देही होती हैं। ऐसे में उन्हें कार्य न करने देना लोकतांत्रिक व्यस्था का अपमान हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार अपनी मनमानी बंद कर दे और तानाशाही वाली मानसिकता से बाहर आए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की 4 नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव को सरकार जानबूझकर लटका रही है। प्रदेश सरकार ने सोलन, धर्मशाला, पालमपुर व मंडी नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के अढ़ाई वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने की अधिसूचना 12 अक्तूबर को ही जारी की थी। जिससे सोलन, धर्मशाला, पालमपुर व मंडी नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई बड़ा मतदान नहीं होना हैं। जिसमें बहुत वक़्त और संसाधनों की आवश्यकता होती हैं। बस सरकार जानबूझकर इस चुनाव को टाल रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार जल्दी से जल्दी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को संपन्न करवाए। उन्होंने कहा कि भले ही कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यस्था में वह झूठ बोलकर, झूठे वादे करके आई है लेकिन लोकतंत्र में तानाशाही चलाने की कोशिशें बहुत भारी पड़ेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के 5 नगर निगम सहित 60 शहरी निकायों को 50 फीसदी ग्रांट इन एड सरकार द्वारा वापस मांग ली  है। इससे त्रासदी के बाद पुनर्वास की योजनाएं बनाने में लगे शहरी निकायों की परेशानी बढ़ गई है। सरकार के निर्देश पर निदेशक शहरी विकास विभाग ने नगर निगम के आयुक्त, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी व नगर पंचायतों के सचिवों को पत्र लिखकर ग्रांट वापस करने के निर्देश दिए हैं। छठे राज्य वित्त आयोग द्वारा जुलाई माह में सभी शहरी निकायों को करीब 153.64 करोड़ रुपए की ग्रांट इन एड जारी की थी। अब इसमें से 76.82 करोड रुपए सरकार वापस मांग रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हैरानी की बात है कि इस पैसों से निर्धारित परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है ऐसे में नगर निगम और स्थानीय निकाय यह पैसे कहां से वापस करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह के बचकाने कामों से बचना चाहिए।