हमीरपुर, 04 मई। गृह संगरोध में रह रहे कोविड-19 संक्रमित व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से परामर्श जारी किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. अग्निहोत्री ने बताया कि होम-आइसोलेशन कर रहे मरीजों के लिए कुछ आवश्यक निर्देशों का पालन अवश्य करना चाहिए।

मरीज हमेशा ट्रिप्पल लेयर मेडिकल मास्क पहन कर रहें तथा 8 घंटे तक एक मास्क का उपयोग करें। यदि मास्क गीला या गन्दा हो जाता है, तो इसे तुरंत बदल दें। मास्क फेंकने से पहले ताजा तैयार किये गए 1% सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल में 20 मिनट के लिए डाल दें और इस तरह कीटाणु रहित करने के बाद ही इसे एक बंद कूड़ेदान में फेंकें। अपने कमरे की खिड़कियाँ खुली रखें, ताकि ताजी हवा मिल सके।

संक्रमित व्यक्ति केवल अपने लिए चिन्हित शौचालय का ही प्रयोग करें और यदि शौचालय की सीट पर ढ़क्कन है, तो हमेशा फ्लश करने से पहले ढ़क्कन को बंद करें। होम-आइसोलेशन के दौरान अपने कमरे में ही रहें, घर के अन्य कमरों में न जाएं। दरवाजे, खिड़कियों, टेबल जैसी चीजों को छूने से बचें। ऐसा करने पर आप घर के अन्य सदस्यों को भी कोरोना संक्रमण से बचा सकते हैं।

संक्रमित व्यक्ति खूब आराम करें। खांसते/छींकते समय अपने मुँह को कोहनी से ढकें एवं शिष्टाचार का पालन करें। हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकेंड तक धोएं या फिर अल्कोहलयुक्त सैनिटाइजर से साफ करें। घर के अन्य लोगों के साथ व्यक्तिगत वस्तु जैसे बर्तन, तौलिए आदि को साँझा न करें।

मरीज आइसोलेशन के दौरान धूम्रपान और शराब का सेवन न करें। प्रतिदिन कम से कम तीन बार कम कार्बोहाइड्रेट एवं उच्च प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन करें। इसी के साथ-साथ उपयुक्त मात्रा में सब्जी और फलों का सेवन भी सुनिश्चित करें। किसी भी स्थिति में शरीर में पानी की कमी न होने दें। हाइड्रेशन बनाये रखने के लिए जरूरी है कि तरल पदार्थ जैसे पानी, सूप, जूस इत्यादि पीते रहें। दिनचर्या में योग व व्यायाम को भी सम्मिलित करें।

1% सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल से घर की सफाई एवं अक्सर छुए जाने वाले सतह जैसे स्विच बोर्ड, खिड़कियाँ, चेयर, डाइनिंग टेबल, अलमारी इत्यादि को साफ कर सकते हैं। मैटेलिक सतह जैसे सिक्योरिटी लॉक, दरवाजे के हैंडल इत्यादि को साफ करने के लिए सैनिटाइजर का प्रयोग करें।

डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें। दवाइयाँ नियमित रूप से लेते रहें। मरीज अगर किसी अन्य बीमारी की दवाइयां लेता है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

ऐसे करें अपने स्वास्थ्य की निगरानी

दिन में कम से कम दो बार (सुबह और शाम) या जब कभी आपको बुखार महसूस होता है, तो स्वास्थ्य परीक्षण जरूर करें। थर्मामीटर से अपना तापमान लें। आश्रित मरीजों के मामले में, देखभाल करने वाले तापमान चेक कर सकते हैं। तापमान जाँच करते समय मास्क और डिस्पोज़ेबल ग्लब्ज का प्रयोग करें।

प्रतिदिन अपनी पल्स दिन में 2 बार एक मिनट के लिए जाँचे। मरीज़ या देखभालकर्ता द्वारा पल्स की जांच के लिए अपनी तर्जनी (पहली उंगली) और मध्यम उंगलियों को अपनी कलाई अंगूठे के आधार पर रखें। सेकेंड गिनने वाली घड़ी का उपयोग कर बीट्स को गिनें कि आप 1 मिनट में कितने बीट्स महसूस करते है। आप 30 सेकंड तक बीट्स गिनकर, उस संख्या को 2 से गुणा भी कर सकते हैं। जांच के बाद तापमान, पल्स रेट इत्यादि लक्षण को परीक्षण चार्ट पर लिखें।

अगर आपका तापमान 100°F (37.8° C) से ज्यादा हो या पल्स 100 बीट्स प्रति मिनट से अधिक हो, तो इसकी सूचना हेल्पलाईन नंबर 104 अथवा चिन्हित चिकित्सा/निगरानी अधिकारी को तुरंत दें।

बुखार के अलावा, कोविड-19 के अन्य लक्षणों के प्रति सतर्क रहें, क्योंकि इन संकेत मिलते ही डॉक्टर की सलाह पर मरीज को तुरंत हॉस्पिटल ले जाना पड़ सकता है। सांस लेने में कठिनाई, मानसिक भ्रम, छाती में लगातार दर्द या दबाव, होंठों/चेहरे का नीला पड़ जाना, यदि इनमें से कोई लक्षण हो तो इसकी सूचना कृपया हेल्पलाइन नंबर-104 अथवा चिन्हित चिकित्सा/निगरानी अधिकारी को तुरंत दें।