जेओए पेपर लीक मामले में परीक्षा केंद्र के उपाधीक्षक ने दूसरे सेंटर में अभ्यर्थी बन दी परीक्षा।

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) आईटी सीरीज बी का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के एक कर्मचारी की भी संलिप्तता पाई गई है। आरोप है कि इस कर्मचारी के मोबाइल पर मंडी के दो अलग-अलग बीएड कॉलेजों में बने परीक्षा केंद्रों से पेपर लीक होकर आए हैं। कुल्लू में किसी रिश्तेदार को पेपर भेजने का भी आरोप है। इसके साक्ष्य पुलिस ने जुटा लिए हैं।

पहले अभिलाषी बीएड कॉलेज से पेपर लीक होने की बात सामने आई थी। जांच के दौरान दूसरा संस्थान नेरचौक स्थित करिश्मा बीएड कॉलेज निकला। यह भी खुलासा हुआ कि जिस बीएड कॉलेज के केंद्र से पेपर लीक हुआ है, वहां केंद्र के उपाधीक्षक ने अभ्यर्थी बनकर किसी अन्य केंद्र में जोओए की परीक्षा दी।

प्रबंधन की मदद से यह किया गया। परीक्षा केंद्र में उपाधीक्षक की हाजिरी भी फर्जी पाई गई है। पुलिस इस बीएड कॉलेज के बने केंद्र के उपाधीक्षक और कॉलेज के उप प्राचार्य से पूछताछ कर रही है। मामले में पुलिस ने भादंसं की धारा 468 ए और 473 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बोर्ड के कर्मचारी से पुलिस पूछताछ कर रही है।

बताया जा रहा है कि सुंदरनगर में नकल के दौरान शिक्षा बोर्ड में तैनात मंडी के कर्मचारी का सुराग हाथ लगा था। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। मामले में संलिप्त सभी आरोपी एक दूसरे के रिश्तेदार या करीबी बताए जा रहे हैं। बता दें कि 24 अप्रैल को सुंदरनगर में नकल का मामला पकड़ा गया था। इसके बाद पूरा मामला सामने आया।

अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी जमानत पर हैं। प्रदेश में 24 अप्रैल को 517 केंद्रों में 300 पदों के लिए परीक्षा हुई थी। सुंदरनगर के निजी कॉलेज एमएसएलएम के परीक्षा केंद्र में नकल करते एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पूरा मामला सामने आया।