हमीरपुर, 13 फ़रवरी।हमीरपुर सदर के विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता नरेंद्र ठाकुर ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की इस बात के लिये तारीफ़ की है कि वो नशा माफिया को सख्ती से कुचल रही है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल को नशे से मुक्त करने के लिये सरकार द्वारा अपनाई गई ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के अच्छे परिणाम नज़र आने लगे हैं।
यहां जारी प्रेस वक्तव्य में हमीरपुर के विधायक नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सत्ता ग्रहण करने के फौरन बाद हिमाचल में फैले नशे के जाल को ख़त्म करने को सरकार की प्राथमिकता तय किया था।

प्रदेश के भोले भाले युवाओं सहित स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों तक नशा माफिया ने अपनी जड़ें फैला रखी थीं।

प्रदेश के लिये यह बेहद खतरनाक स्थिति बन चुकी थी जिसमें युवा वर्ग नशे के जाल में जकड़ता जा रहा था।उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में किसी सरकार द्वारा पहली बार ऐसा तंत्र विकसित किया गया है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान बताये बिना ऐसे अपराधियों की जानकारी बिना किसी भय के दे सकता है।

उन्होंने आंकड़े जारी करते हुये पिछली कॉंग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच नशे के सौदागरों ने हिमाचल के कोने-कोने तक अपनी जड़ें फैलाईं, लेक़िन तत्तकालीन कांग्रेस सरकार की कुम्भकर्णी नींद नहीँ टूटी।


नशे का अवैध कारोबार उसी समय फैला जिसने युवाओं के एक बहुत बड़े वर्ग को अपने लपेटे में ले लिया। उन्होंने इसे तत्कालीन कॉंग्रेस सरकार की सबसे बड़ी विफलता करार दिया जिसके कार्यकाल में नशा माफिया बेख़ौफ़ होकर अपने जाल को फैलाता चला गया।
उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने सत्ता में आते ही हिमाचल से नशे के जाल को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया। ताकि प्रदेश का युवा इससे मुक्ति पा सके।
उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों में 900 किलोग्राम से ज्यादा चरस पकड़ी गई है । जबकि बीस किलोग्राम चिट्टा औऱ एक किलोग्राम स्मैक को पकड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि दो वर्षों के भीतर दो हज़ार पांच सौ के क़रीब केस दर्ज़ किये गए हैं । जोकि ये बताने के लिये पर्याप्त हैं कि नशे के कारोबारियों पर मौजूदा सरकार कितने बड़े पैमाने पर आक्रमण कर रही है।

नशे के कारोबारियों के खिलाफ कड़ाई से निपटने के लिये मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयासों की तारीफ़ करते हुये हमीरपुर भाजपा नेता नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि हर साल करीब पचास हज़ार नशीली गोलियाँ और नब्बे हज़ार नशीले कैप्स्यूल बिक्री के आंकड़े खतरे की घण्टी से कम नही थे। लेकिन प्रदेश सरकार की कड़ाई से दो सालों के अंदर अफ़ीम, चूरा, पोस्त, गांजा और भांग के कारोबार में भारी कमी देखी गई है। नशे के कारोबारियों के हौसले पस्त हुये हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी भी इस अवैध कारोबार में लिप्त हैँ उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीँ जायेगा।
हिमाचल को नशे से मुक्त करने के लिये सरकार के प्रयासों के साथ जनभागीदारी पर बल देते हुये नरेंद्र ठाकुर ने लोगों का आह्वान किया है कि नशे को जड़ से उखाड़ फैंकने के लिये लोगों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिये हिमाचल में नशामुक्त माहौल बनाना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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