कार्यक्षेत्र के बाहर के लोगों को बैंकिंग सेवाए नहीं देगा कांगड़ा सहकारी बैंक बैंक के फरमान से उपभोक्ताओं में नाराजगी, बैंक प्रबंधन से आदेशों को तुरंत वापस लेने की मांग।

राजेश खन्ना : कांगड़ा सहकारी बैंक प्रबंधन ने प्रदेश में बैंक की विभिन्न शाखाओं को अपने ओपरेटिंग एरिया के बाहर के लोगों को बैंकिंग सुविधा न देने के फरमान जारी किए हैं। बैंक प्रबंधन के निर्देश बैंक की शाखाओं में पहुंच गए हैं और बैंक की शाखाओं ने ऊपर से आए आदेशों का हवाला देकर कार्यक्षेत्र के लोगों को बैंकिंग सेवाएं देने से इन्कार कर रहे हैं। बैंक के ताजा फरमान से उपभोक्ताओं में रोष पनपने लगा है और लोग बैंक प्रबंधन से ऐसे फरमानों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
हमीरपुर जिला के सीमावर्ती कांगड़ा सहकारी बैंक की लदरौर शाखा ने बिलासपुर जिला के घंडालवीं के कारोबारियों व लोगों को बैंकिंग सुविधाएं देने से मनाही कर दी है। बैंक प्रबंधन ने बैंक के ऐसे खाताधारकों को बैंकिंग योजनाओं का लाभ देने से इन्कार कर दिया है जो बैंक के पंद्रह-बीस वर्षों से अधिक से खाताधारक हैं। बड़ी बात तो यह है कि लदरौर और घंडालवीं कस्बे भले ही दो अलग-अलग जिलों में स्थित हैं लेकिन दोनों कस्बे इतने जुड़े हुए हैं कि कारोबारियों ने जो व्यापार मंडल गठित किया है उसका नाम ही व्यापार मंडल लदरौर-घडालवीं है। घंडालवीं क्षेत्र में काम करने वाले हर कारोबारी का खाता कांगड़ा सहकारी बैंक की लदरौर शाखा में है। व्यापार मंडल के प्रधान सुनील कुमार बिष्ट, उप ्रप्रधान संजीव, सचिव रविंद्र सोनी, सचिव सुभाष चंद, कारोबारी मलकीयत ङ्क्षसह सहित कई लोगों ने बताया कि वह वर्षों से बैंक में अपना खाता चला रहे हैं। लाखों का लेनदेन खातों में प्रतिवर्ष करते हैं लेकिन अब बैंक ने हमें जरूरत पडऩे पर बैकिंग सुविधाओं एजुकेशन लोन, कृषि ऋण व गृह ऋण की सुविधाएं देने से यह कहकर इन्कार कर दिया कि आप दूसरे जिला से संबंधित हैं आपको यहां पर कर्ज नहीं मिलेगा। उन्होंने कहाकि हम वर्षों से इस बैंक में लेनदेन कर रहे हैं। केवल इसी बैंक में हमारा खाता है हम लोग कहां जाएं। दूसरा बैंक हमें सीधे जाकर कर्ज कैसे दे देगा। ऐसे में हमीरपुर जिला की सीमा के साथ लगते बिलासपुर जिला के लोगों ने के.सी.सी.बी. के प्रबंधन से आग्रह किया है कि नए फरमान को वापस लिया जाए और उन्हें पहले की ही तरह बैंकिंग सुविधा जारी रखने के आदेश पारित किया जाएं।
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क्या हैं केंद्रीय सहकारी बैंक के फरमान
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक प्रबंधन ने 23 मई 2022 को बैंक महाप्रबंधक के माध्यम से जारी पत्र क्रमांक डी/5/667/2022/एफ 3654 से सभी शाखा प्रबंधकों को सर्विस एरिया के बाहर सेवाएं देने पर रोक लगाई है। बैंक प्र्रबंधन ने ऑडिट आब्जैक्शन का हवाला देते हुए कहा है कि बैंक के कार्यक्षेत्र के बाहर के लोगों से बैंक में सेङ्क्षगज तो मंजूर की जा सकती हैं लेकिन ऐसे लोगों को कर्ज नहीं दिया जा सकता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर पूर्व में कभी कार्यक्षेत्र के बाहर के लोगों को कर्ज आदि देने के संबंध में कोई आदेश जारी किए गए हैं तो इस पत्र के जारी होने के बाद वे आदेश तुरंत प्रभाव से निरस्त माने जाएं।
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मेरे संज्ञान में नहीं है मामला, सोमवार को करेंगे कार्रवाई : भारद्वाज
उधर इस बारे में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज ने कहा कि ऐसा निर्णय ने तो बोर्ड की बैठक में कभी हुआ है और न ही मुझे किसी ऐसे निर्देश के बारे में जानकारी नहीं है। आप ने मामला संज्ञान में लाया है, रविवार को छुट्टी है। सोमवार को जब बैंक खुलेगा तो इस सारे मामले में जानकारी ली जाएगी और कानून के दायरे में जो भी संभव हो सकेगा किया जाएगा।
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क्या है कानूनी पक्ष
एडवोकेट रोहित शर्मा से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों का गठन सहकारिता अधिनियम के तहत गठित किया गया है। इस अधिनियम में कोपरेटिव सोसायटी और कोपरेटिव बैंकों के कार्य करने का क्षेत्र परिभाषित किया गया गया है। कानून में यह कहा गया है कि सहकारिता अधिनियम के तहत गठित अदारे अपने कार्यक्षेत्र के बाहर किसी भी प्रकार की सेवाएं देने के लिए अधिकृत नहीं हैं, जिसके कारण अगर के.सी.सी.बी. ने लदरौर शाखा से घंडालवीं क्षेत्र के लोगों को बैंकिंग सुविधा देने से इन्कार किया है तो यह किसी भी नजरिए से गलत नहीं है।