प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच मंदिरों को बंद रखने का सरकार का फैसला देवी-देवताओं को मंजूर नहीं है। मंदिर बंद रखने के सरकार के फैसले से नाराज बेंची पंचायत के मालीपथर के देवता शेला ब्रह्मा सोमवार को डीसी कुल्लू के दरबार पहुंच गए। उन्होंने सरकार और प्रशासन के फैसले के खिलाफ नाराजगी जताई। देवता को देखकर वहां मौजूद प्रशासन के अधिकारियों के होश उड़ गए। 

प्रशासन की ओर से एसडीएम सदर डॉ. अमित गुलेरिया देवता के समक्ष खड़े हुए। देवता को मनाने के लिए करीब आधा घंटे तक अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान देवता ने गूर के माध्यम से सख्त लहजे में कहा कि कोरोना में देवी-देवता के मंदिर बंद नहीं होने चाहिए। गूर के माध्यम से चेताया कि अगर मंदिर बंद रहे तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहना होगा। यह भी कहा कि कोरोना महामारी को सभी देवी-देवता दूर करेंगे। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। 

देवता शेला ब्रह्मा ने कहा कि वह दशहरा में आना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें जगह दी जाए। देवता के कारदार रण सिंह ने कहा कि मंदिर बंद होने से देवता नाराज हो गए हैं। इसलिए देवता नाराजगी जताने के लिए उपायुक्त के पास पहुंचे। एसडीएस सदर डॉ. अमित गुलेरिया ने कहा कि कोरोना काल में मंदिर बंद रखने से नाराज देवता उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। देवता ने गूर के माध्यम से अपनी बात रखी है। देवता को दशहरा उत्सव को लेकर आश्वस्त किया है। देवता ने दशहरे में रघुनाथ की चाकरी करने की इच्छा जताई है। दशहरे में आने पर उचित जगह मुहैया करवाई जाएगी।