भारत पर मां काली की असीम कृपाः प्रधानमंत्री।

स्वामी अतमस्तानंद के शताब्दी समारोह को वच्यूअलि संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देवी काली की व्याख्या को लेकर हुए विवाद पर परोक्ष हमला किया और कहा कि भारत पर मां काली की असीम कृपा रही है। मोदी ने आज रविवार को आगे कहा कि उन्हीं की कृपा पर आपातकाल में भारत पूरे विश्व की मदद कर रहा है। स्वामी अतमस्तानंद का शताब्दी समारोह कोलकाता स्थित रामकृष्ण मिशन की ओर से आयोजित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस 19वीं सदी के संत थे और स्वामी विवेकानन्द के गुरु भी थे।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री का यह बयान उस वक्त आया है जब एक तमिल फिल्ममेकर लीना मनिमेकलई की ओर से अपने एक शार्ट फिल्म में एक औरत को काली के रूप में सिगरेट पीते दिखाया गया है। इसको लेकर हो रहे विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस की नेत्री व लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा भी कूद पड़ी और उन्होंने कह दिया कि वह ऐसी काली देवी को मानती जो मांस का भक्षण करती है और नशा का सेवन करती है।

समारोह को नई दिल्ली से ही संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस एक ऐसे संत थे जो देवी काली की संपूर्णता को समझते थे और उन्होंने मां काली के समक्ष अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया था। वे कहते थे कि संसार की सभी चीजें मां काली की कृपा पर निर्भर है। मां काली की कृपा काली पूजा के दौरान समूचे बंगाल में मौजूद रहती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें जब कभी भी मौका मिलता है तो वह बेलूर मठ व दखिनेश्वर स्थित काली मंदिर में जाते हैं क्योंकि इन दो जगहों से मेरा प्राकृतिक लगाव है। अगर आपका विश्वास और श्रद्धा शुद्द है तो आप पर देवी की होगी और यही कृपा आपको आगे का रास्ता दिखाएगी। देश पर काली की असीम कृपा रही है। देश उन्हीं की कृपा आगे बढ रहा है और संसार का कल्याण कर रहा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में भारत ने कई देशों को दवाइयां भेजी थी।

प्रधानमंत्री के संबोधन समाप्ति के तुरंत बाद बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मोदी के भाषण के एक भाग को शेयर करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनके पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा पर देवी काली को लेकर हमला बोला। मालवीय ने देवी काली के चित्रण को लेकर भी मोइत्रा की निंदा भी की।
इस बीच बीजेपी महुआ मोइत्रा की पार्टी से निलंबन की भी मांग कर रही है। उनकी की ओर देवी काली के चित्रण को लेकर देश भर में मोइत्रा व फिल्ममेकर की निंदा की जा रही है।

गौरतलब है कि मोइत्रा ने कहा था कि मां देवी काली मांस व मदिरा का सेवन करने वाली देवी है। मोइत्रा ने यह भी कहा था कि अगर बीरभूम के तारापीठ जाएंगे तो आप साधुओं को धुम्रपान करते देखेंगे। मोइत्रा के मुताबिक हिन्दुत्व के अनुसार उसे अपनी देवी की परिकल्पना करने का हक है। लेकिन टीएमसी ने मोइत्रा की टिप्पणी से अपने को अलग करते हुए कहा कि यह पार्टी का स्टैंड नहीं है और ममता ने तो यहां तक कह दिया कि मोइत्रा में सुधार की गुंजाइश है। लेकिन मोइत्रा अभी भी अपनी जिद पर अड़ी हैं जबकि कई राज्यों में इस मामले को लेकर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए हैं। इस बीच मोइत्रा ने कहा कि उनकी टिप्पणी फिल्म से जुड़े पोस्टर को लेकर नहीं थी।

गौरतलब है कि देवी काली के चित्रण को लेकर विवाद उस वक्त पैदा हो गया जब कनाडा में रहने वाली एक तमिल फिल्ममेकर लीना मनिकलाइ ने अपनी फिल्म को लेकर एक पोस्टर रिलीज किया जिसमें एक औरत को देवी काली की वेश में सिगरेट पीते हुए दिखाया गया। विवाद के बाद टोरंटो विश्वविद्यालय व आगा खां म्युजियम ने इसके लिए माफी मांग ली जब भारतीय उच्चायोग ने इस मामले को सख्ती से उठाया।