छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले में 22 जवानों के शहीद होने की खबर है. इसकी पुष्टि छत्तीसगढ़ के डीजीपी ने की है. नक्सली हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने बीजापुर जिले में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से फोन पर हालातों की ताजा जानकारी ली और उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया. साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक को भी निर्देश दिए कि वे तत्काल छत्तीसगढ़ जाएं और वहां के हालात का जायजा लेने के साथ साथ नक्सलियों को घेरने की नई रणनीति बनाएं।

मिली जानकारी के मुताबिक नक्सली ऊंची जगह पर जबकि सुरक्षा फोर्स खुले मैदान में थी. मौके पर लगभग 300 नक्सली मौजूद थे. इन नक्सलियों ने जवानों पर अचानक फायरिंग कर दी. जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला और बहादुरी के साथ मुकाबला किया. देर शाम तक चले ऑपरेशन के दौरान 21 घायल जवानों को बीजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया था जबकि गंभीर रूप से घायल 7 जवानों को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रायपुर ले जाया गया था. जिनमें से 22 जवान शहीद हो गए हैं जबकि 31 घायल हैं. हमले के बाद एक जवान अभी भी लापता है।
जिला बीजापुर मुख्यालय से 75 किलोमीटर दूर सिलगेट गांव के पास के जंगल में नक्सलियों के दुर्दांत कमांडर हिडमा की मौजूदगी की खबर सुरक्षाबलों को मिली

थी. दुर्दांत नक्सली कमांडर हिडमा मार्च 2020 में हुए उस हमले में भी शामिल था, जिसमें 17 जवान शहीद हुए थे. इसके अलावा 2013 के झीरम घाटी हमले में भी वह शामिल था. जब सुरक्षा बलों की टीम वापस लौट रही थी तभी घात लगाए बैठे नक्सलियों ने उनपर फायरिंग शुरू कर दी थी. जवाबी कार्रवाई में सेना के जवानों ने 15 नक्सलियों को भी मार गिराया है जबकि 20 घायल हैं. बीजापुर में सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है.