हिमाचल प्रदेश की निजी यूनिवर्सिटी मानव भारती में अभी तक का सबसे बड़ा फर्जी डिग्री मामला उजागर हुआ है। फर्जी डिग्री मामले में ईडी ने 194 करोड़ की संपत्ति सीज कर ली है जबकि आरोपी के पास कुल 440 करोड़ की संपत्ति है। ये संपति अधिकतर करनाल के रहने वाले राज कुमार राणा व उसके परिवार के नाम पर है।

इसमें 7 करोड़ से ज्यादा एफडी है जबकि अन्य पैसा बैंक खातों व संपति का है। मानव भारती को 2009 में भाजपा सरकार के समय प्रदेश में यूनिवर्सिटी चलाने की इजाजत मिली थी। यूनिवर्सिटी ने बनने के बाद 17 राज्यों में फर्जी डिग्री का गोरखधंधा चलाया। मानव भारती यूनिवर्सिटी ने राजस्थान उदयपुर में भी माधव यूनिवर्सिटी के नाम से यूनिवर्सिटी चलाई। जांच एजेंसियों की माने तो मानव भारती ने 41000 फर्जी डिग्रियां बेची जिनमें से 36000 डिग्रियां फर्जी है जिनकी जाँच चल रही है।

डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि हिमाचल पुलिस ने एक एसआईटी गठित की जिसने जांच को आगे बढ़ाया। जांच के लिए 4 टीम बनाई गई। जिसमें आज तक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। राणा का परिवार अभी ऑस्ट्रेलिया में है उनको प्रदेश में लाने की कोशिश चल रही है। राणा का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है। राणा ने अपनी पत्नी के नाम पर हिमाचल में यूनिवर्सिटी बनाई।

तत्कालीन भाजपा सरकार की कैबिनेट ने पहले यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया लेकिन एक साल के बाद ही 2009 में धूमल सरकार ने यूनिवर्सिटी खोलने की अनुमति दे दी। डीजीपी ने बताया कि अभी मामला खत्म नही हुआ है। मामले में जांच चली हुई है और बड़े खुलासे भी मामले में हो सकते हैं।