सुरेंद्र सिंह एस एम न्यूज़ ब्यूरो चम्बा- जनजातीय क्षेत्र पांगी में बिजली बोर्ड की मुसीबतें बड़ती जा रही है। पावर हाउस किलाड़, साच, और सुराल पवार हाउस

की हालात इतनी खराब है कि लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। सुराल पावर हाउस का काम अधर में अटका हुआ है। जिसका काम

कामचलाऊ ही हो रहा है। पिछले तीन महीनों से तीन पंचायतें लुज, धरवास और सुराल अंधेरे में है। इस ओर न तो बिजली बोर्ड सख्त है और न ही प्रशासन। वहीं

दूसरी ओर किलाड़ पावर हाउस का भी है। साच पावर हाउस की पाइपें झूला खा रही है। इसे वक्त रहे ठीक नहीं किया गया तो 16 पंचायतें अंधेरे में आ जायेगी।

फिर एक बार पांगी घाटी के लोगों को दीया जला कर गुजारा करना पड़ेगा। मुसीबतों का पहाड़ तो छात्रों पर गिर रहा है बिना बिजली के वह पढ़ नही पा रहे

हैं। सभी पावर हाउसों में पानी की कमी नहीं है कमी है तो टेक्निकल कर्मचारियों की जो बिजली बोर्ड वालों के पास नहीं है।

सरकार बड़ी बड़ी वायदें तो करती है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही होती है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

पांगी घाटी के लोगों के अच्छे दिन कब आयेंगे, यह कहना मुश्किल है।
घाटी के लोग अपनी मूलभूत सुविधाओं को पाने के लिए कभी भी सड़क पर नहीं

उतरी और न ही पांगी की समस्याओं की चिंता पांगी के बुद्धिजीवी नेताओं ने की। विपक्षी दल सरकार को घेरने की कोशिश तो कर रही है लेकिन वह भी बेबस नजर आ रही है।

मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जनमंच अभियान में यह पहला मौका है कि कार्य में कोताही पर किसी अधिकारी को चार्जशीट किया

गया हो। सुजानपुर उपमंडल में आयोजित जनमंच कार्यक्रम के दौरान करीब 70 जन समस्याएं सामने आईं, जिसमें से 20 समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।

साधारण समस्या समझते हुए कार्यालय में बैठे न रहें, फील्ड में जाकर काम करें, ताकि लोगों को समस्या से मुक्ति मिल सके। वर्तमान में बसों को लेकर

लोगों को भारी असुविधा उठानी पड़ रही है, लेकिन सरकार इसके ऊपर जल्द कार्रवाई करने वाली है। नई बसों का प्रावधान कर नए रूट चलाए जाएंगे। ओवरलोडिंग प्रदेश में पूर्णतया बंद होगी।

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