टिहरा को पूर्ण तहसील के लिए सड़कों पर उतरे लोग!धाड़ता विकास मंच के बैनर तले निकाली रैली और नायब तहसीलदार के माध्यम से सौंपा मांगपत्र!15 दिनों में मांग पूरा न होने पर 5 अप्रैल को रखेंगे सामूहिक उपवास।

टिहरा( मण्डी) – धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के ऊपरी क्षेत्र धाड़ता के साथ विकास में हो रहे भेदभाव के ख़िलाफ़ आज टिहरा में धाड़ता विकास मंच के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। जिसका नेतृत्व मंच के सयोंजक व अंतराष्ट्रीय एथेलिटिक्स कोच भूपिंदर सिंह, सह सयोंजक अशवनी राणा, पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह, किसान सभा के अध्यक्ष रणराज राणा, मनरेगा मजदूर यूनियन के खण्ड अध्यक्ष करतार सिंह चौहान, कोट पँचायत के उप प्रधान शांति स्वरूप ,पृथी सिंह, रूप चन्द, अरुण अत्री,प्रवीण कुमार इत्यादि ने किया।मंच के पदादिकरिओं ने बताया कि टिहरा उपतहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टिहरा,कोट, तनिहार,गरौडु-गद्दीदार, गरयोह, डरवाड़,घरवासड़ा,पिपली, सजाओपीपलु औऱ जोढन औऱ साथ लगती पांच अन्य सरौन, चोलथरा, भदेहड़, देवगढ़ और सधोट पंचायते जो धाड़ता क्षेत्र में आती हैं।लेक़िन इस क्षेत्र के साथ भेदभाव हो रहा है।उन्होंने टिहरा में पूर्ण तहसील बनाने और टिहरा अस्पताल की स्थिति सुधारने की ज़रूरत है जिसके चलते मुख्यमंत्री और जलशक्ति मंत्री को दस हजार हस्ताक्षरों सहित माँग पत्र 3 मार्च को एस डी एम के माध्य्म से भेजा जा चुका है।जिसमें बजट सत्र के दौरान तहसील बनाने का निर्णय लेने की मांग की थी। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही न होने के कारण आज 21 मार्च को टिहरा में प्रदर्शन आयोजित किया गया। जिसमें सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया इसके बाद विभिन्न संगठनों, महिला मण्डलों द्धारा इस मांग के समर्थन में पारित प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री को भेजे गए।इसके अलावा इस क्षेत्र की ग्राम पंचायतों से भी प्रस्ताव लिए जा रहे हैं जिन्हें भी सरकार को भेजा जाएगा।पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 में भी इस मांग के लिए हुए 65 दिन की भूखहड़ताल और आमरण अनशन हो चुका है। और पिछले विधानसभा चुनावों के समय जलशक्ति मंत्री ने उनकी सरकार बनते ही यहां तहसील बनाने का वादा किया था। लेकिन अब वे उसे भूल गए हैं।इसलिए अब जब चुनावों को छह महीने का समय शेष है, तो यहां की जनता तहसील की मांग को लेकर एकजुट हुई है।उन्होंने एक बार पुनः मांग की है कि टिहरा को जल्दी पूर्ण तहसील का दर्जा दिया जाये । और अगर 15 दिनों में इस पर सरकार ने गौर नहीं किया तो 5 अप्रैल को टिहरा में सामूहिक उपवास रखा जाएगा जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य भाग लेंगे। मंच के सयोंजक भूपिंदर सिंह ने बताया कि यहां के विधायक ने इन ग्राम पंचायतों के विकास को नजरअंदाज किया है और धाड़ता को कोई प्राथमिकता नहीं दी और ये क्षेत्र राजनैतिक तौर पर उपेक्षित है। यहाँ पर अभी तक भी ज़रूरी सुविधाएं उपलब् नहीं है।जिनमें टिहरा में पूर्ण तहसील और अस्पताल की दशा सुधारने के अलावा धाड़ता क्षेत्र
में कॉलेज व तकनीकी शिक्षा संस्थान खोलने तथा आदर्श विद्यालय खोलने की मांग उठाई है।इसके अलावा में टिहरा में सामुदायिक भवन का निर्माण करने,टिहरा में राष्ट्रीयकृत बैकं की शाखा, गैस एजेंसी, मिल्ट्री केंटिन और पैट्रोल पंप खोलने,टिहरा में टैक्सी औऱ बस स्टैंड बनाने,टिहरा-कमलाह सड़क पर यातायात बहाल करने,टिहरा स्कूल के खेल मैदान का विस्तार करने,टिहरा से माता कंचनापुरी मंदिर घरवासडा के लिए वाया टिक्कर सड़क का निर्माण करने, टिहरा में कृषि प्रसार अधिकारी के ख़ाली पद पर जल्द नियुक्ती करने,टिहरा में बागवानी प्रसार अधिकारी का पद सृजित करने,
धाड़ता क्षेत्र के लिए सिंचाई योजना बनाने,सभी लिंक सड़को पर बसें चलाने तथा धर्मपुर,सरकाघाट तथा संधोल के लिए अतरिक्त बसें चलाने,संधोल से वाया टिहरा शिमला व चंडीगढ़ के डीलक्स व वोल्वो बसें चलाने
और सभी पंचायतों में बागवानी क्लस्टर तैयार करनेऔर उसके लिए पानी और मार्केटिंग सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है।