बिहार के गया जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां के शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत महिला स्वास्थ्य कर्मी प्रेमलता कुमारी ने अपनी जीवन लीला को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है. जानकारी के अनुसार, मृतक महिला सीएचसी में वर्ष 2014 से कार्यरत थी और अपने पति और बच्चे के साथ रहती थी.

रविवार की दोपहर मृतक महिला ने अपने बेटे को जूस लाने के लिए बाजार भेजा उस समय महिला का पति नीचे गया हुआ था. कुछ देर के बाद जब जीएनएम का बेटा बाजार से जूस लेकर आया तो उसने घर के कमरे को अंदर से बंद पाया. इसके बाद बेटे ने लगातार अपनी मां को आवाज लगाई लेकिन मां ने दरवाजा नहीं खोला. बेटे को अनहोनी होने की आशंका हुई और उसने कमरे के दरवाजा को तोड़कर देखा तो उसकी मां पंखे से झूलती हुई मिली.

मां को इस हालत में देखकर बेटे ने शोर मचाया जिसके बाद आसपास के लोगों के साथ मृतक महिला का पति भी पहुंचा. वहीं, घटना कि सूचना मिलने पर पुलिस शव को बरामद कर मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस ने शव को कब्जे में कर मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है.

इधर, घटनास्थल पर पहुंचे थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि ‘मामले की छानबीन की जा रही है और खुदकुशी के कारण अभी कुछ स्पष्ठ नही हो सका है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता लगेगा कि हत्या है या आत्महत्या तब तक कुछ भी कहा नही जा सकता है.’

वहीं, शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राजेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि ‘महिला स्वास्थ्य कर्मी मानसिक रूप से ठीक थी, वह अस्पताल में वर्ष 2014 से कार्यरत थी और इस घटना से पूरे अस्पताल में शोक का माहौल हैं.’