आई.जी.एम.सी. में दूसरों की सेवा करते हुए अब तक स्टाफ के 474 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें डाक्टर, नर्स, वार्ड ब्वॉय, सुरक्षा गार्ड सहित अन्य स्टाफ के लोग शामिल हंै। यह एक बहुत बड़ी बात है कि यह लोग अपनी जान की परवाह न करते हुए दूसरों की जिंदगी बचाने में जुटे हैं। वर्तमान में स्टाफ के 45 लोग कोरोना संक्रमित चल रहे हैं, जिनका उपचार जारी है। यहां पर सवाल तो यह है कि जिस प्रकार से कोरोना के मरीजों में बढ़ौतरी हो रही है, उस हिसाब से यहां पर स्टाफ की कमी आ सकती है। वैसे पहले से ही स्टाफ की कमी चल रही है, क्योंकि इस अस्पताल से कई डाक्टर व नर्सें प्रदेश में खुले नए मैडीकल कालेजों में भेजे गए हैं।

ऐसे में अब कम स्टाफ यहां पर उपलब्ध है। जो स्टाफ वर्तमान में मौजूद है, उसने अस्पताल में अ’छे से अपना कार्यभार संभाला है। कोरोना के मरीजों में दिन-प्रतिदिन बढ़ौतरी हो रही है। ऐसे में सरकार को स्टाफ की तैनाती करने की आवश्यकता है। आई.जी.एम.सी. में कुल 292 बैड हैं और 247 कोरोना के मरीज भर्ती हैं। बताया जा रहा है कि जो स्टाफ के लोग कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे हैं, वे कम संक्रमित हो रहे हंै। संक्रमित वे स्टाफ के लोग हो रहे हैं, जोकि अन्य वार्डों व ओ.पी.डी. में काम कर रहे हैं। जो स्टाफ कोरोना वार्ड में ड्यूटी दे रहे हंै वे अपनी किट पहनकर पूरी तरह से एहतियात बरत रहे हैं, लेकिन जो अन्य वार्डों व ओ.पी.डी. में सेवाएं दे रहे हंै, वे सुरक्षित नहीं रह पा रहे हैं।

इन दिनों आई.जी.एम.सी. में 2000 से 2500 के करीब मरीज ओ.पी.डी. में अपना उपचार करवाने आ रहे हैं। ऐसे में इतने मरीजों का उपचार करते हुए डाक्टर सहित अन्य स्टाफ के लोगों को संक्रमित होने का ज्यादा खतरा रहता है। आई.जी.एम.सी. में कोरोना काल में अभी भी ओ.पी.डी. चली हुई है और ऑप्रेशन भी हो ही रहे हैं। सिर्फ रूटीन के ऑप्रेशन कम किए हंै। यहां पर सबसे ज्यादा दिक्कतें यह आ सकती हैं कि अगर स्टाफ के लोगों में ज्यादा पॉजिटिव आए तो फिर ड्यूटी कौन देगा। यहां पर अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत है, ताकि अगर कोरोना के मरीजों की बढ़ौतरी हुई तो कोई दिक्कतें नहीं आएंगी।क्षेत्रीय अस्पताल डी.डी.यू. में 117 कोरोना के मरीज भर्ती हंै। इस अस्पताल में सिर्फ कोरोना के ही मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। मरीजों की सुविधा के लिए यहां पर अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलैंडर उपलब्ध करवाए गए हंै। ऑक्सीजन की यहां पर कोई कमी नहीं आने दी जा रही है।

आई.जी.एम.सी. एम.एस. डा. जनक राज का कहना है कि आई.जी.एम.सी. में हमारा स्टाफ दिन-रात मरीजों की सेवा में डटा हुआ है। जितने मरीज कोरोना के अस्पताल में भर्ती हैं, उन सभी का अच्छे से उपचार किया जा रहा है। कुछ स्टाफ के लोग कई बार पॉजिटिव भी आ जाते हैं, लेकिन स्टाफ की फिर भी कोई कमी नहीं आने दी जा रही है। कोरोना के मरीजों को देखने वाले स्टाफ के कम लोग पॉजिटिव आ रहे हंै। वे स्टाफ के लोग पॉजिटिव आ रहे हैं, जिनकी कोविड वार्ड में ड्यूटी ही नहीं है। आगामी दिनों में अगर कोरोना के मरीजों की तो सरकार स्टाफ की कमी को भी दूर करेगी।