शिमला नागरिक सभा कैथू वार्ड कमेटी ने वार्ड की समस्याओं को लेकर बैठक का आयोजन।

आज शिमला नागरिक सभा कैथू वार्ड कमेटी ने वार्ड की समस्याओं को लेकर बैठक की ।इस बैठक में नागरिक सभा शिमला के कैथू वार्ड के सभी पद्दाधिकारी उपस्थित रहे ।इस बैठक की अध्यक्षता शिमला नागरिक सभा कैथू वार्ड के सायोजक अनिल ठाकुर ने की । शिमला नागरिक सभा कैथू वार्ड कमेटी ने शिमला शहर में नगर निगम शिमला व सरकार की लचर कार्यप्रणाली व पेयजल व्यवस्था के कुप्रबंधन के कारण पैदा हुए गंभीर पेयजल संकट व पानी के भारी भरकम बिलों को लेकर चिंता जताई है । नागरिक सभा ने कालीवाड़ी मंदिर के पास बने सार्वजनिक शौचालय की खस्ता हालत और शौचालय की खराब हालत पर गंभीर चिंता व्यक्त की। शिमला शहर में कालीवाड़ प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है और कालीवाड़ी मंदिर में देश और दुनिया से पर्यटक घूमने आते है और फिनगास , CPDW कॉलोनी , मॉल रोड इन सभी रास्तों का मैन चॉक है।
जबसे नगर निगम शिमला व सरकार में बीजेपी सत्तासीन हुई है, सरकार की नीतियों के कारण शिमला शहर में पीने के पानी, सफाई व्यवस्था व अन्य जनसेवाओं की दशा निरन्तर बिगड़ रही है और इनकी दरों में वृद्धि की जा रही है। बीजेपी ने पेयजल की व्यवस्था के निजीकरण के लिए कार्य करते हुए वर्ष 2018 में पेयजल की व्यवस्था के लिए कंपनी बनाकर पीने का पानी की व्यवस्था इसके हाथों में सौंप दी है। जिसके चलते जल आपूर्ति स्कीमों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति के बावजूद शहरवासियों को तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है और कैथू के कई क्षेत्रों में तो 4-5 दिनों के बाद पानी की लोगों को मिल पा रहा है ।
नगर निगम पेयजल जैसी जनसेवाओं के निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है और पानी की दरों में प्रति वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया गया है। पानी के बिलों में गत 5 वर्षों में करीब 65 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई है। इसके चलते शहरी क्षेत्रों में रहने वाली जनता पर इसका व्यापक असर देखा गया है और शिमला शहर में आज अधिकांश लोगों को हजारों व लाखों रुपए के पानी के बिल देकर इन पर सरकार द्वारा आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इससे शहरी गरीब व आम जनता को पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता को प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
शिमला नागरिक सभा कैथू वार्ड कमेटी वार्ड की आम जनता से आग्रह करती है कि सरकार व नगर निगम शिमला के द्वारा लागू की जा रही इन आम जनविरोधी नीतियों को पलटने के लिए संघर्ष में शामिल हो ।