शिमला शहर में भी इसी तरह एक युवती काे नाैकरी के लिए गूगल पर सर्च करना महंगा पड़ा है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक टीअार शर्मा नाम के व्यक्ति ने मामला दर्ज करवाया है कि उनकी बेटी ने गूगल पर ऑनलाइन नौकरी की तलाश की।

जहां उन्हें एक व्हाट्सएप नंबर 82718-01039 मिला। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी बेटी ने इस नंबर पर ऑनलाइन जॉब के लिए बातचीत शुरू की। अज्ञात लाेगाें ने उन्हें एक लिंक भेजा और उसे खाता संख्या (166905000344) भेजा गया। ये संभवत: कर्नाटक, बेंगलुरू का हाे सकता है।

अज्ञात लाेगाें ने उन्हें पैसे जमा करने के लिए कहा। इसके बाद 24 अप्रैल काे उन्हाेंने 259000 और 125000 और 25 अप्रैल को 2 लाख उनके खाते में डाल दिए। बाद में पता लगा कि वे ठगी का शिकार हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि अाखिर ठगी के तार कहां-कहां जुड़े हैं।

अभी तक की सबसे बड़ी ठगी हमीरपुर के एक रिटायर्ड टीचर से बेटे को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 56 लाख ठगने का अाया था। इसी तरह रामपुर में भी रिटायर्ड टीचर से बीमा क्लेम पाने के लिए 58 लाख ठगे गए थे। डीएसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर कहते हैं कि सोशल साइट पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट से बचें।

वहीं नौकरी या बीमा आदि दिलाने के झांसे में बिल्कुल न आएं। साइबर अपराध से केवल जागरुकता से ही बचा जा सकता है। खासकर बच्चों और महिलाओं में जागरुकता जरूरी है। इनके ऐसे अपराध के शिकार होने की संभावना अधिक रहती है। स्कूली बच्चों को यह पता ही नहीं होता कि वह साइबर अपराध कर रहे हैं।