सुरेंद्र ठाकुर ब्यूरो चम्बा- जनजातीय क्षेत्र पांगी के मुख्यालय किलाड़ के काकल पानी से लेकर हस्पताल तक सर्दियों में मौत खड़ी रहती है क्योंकि लोगों ने मकान तो बनाये है साथ मे जो मकान के ऊपर लौहे के चादर चढ़ाई है उस पर से बर्फ

चलते राहगीर पर कभी भी गिर सकती है और गिरती भी है। इन्हीं मकानों से सारी बर्फ दा माल रोड पर गिरती है। जिसके कारण लोगों को चलने में काफी दिक्कतें आती है।

बता दें कि काकल पानी से लेकर कर शिव मंदिर तक लोगों ने अवैध कब्जे किये हुए हैं जो कि 5 से 6 मंजिल बने हुए हैं। सभी ने अपने मकानों के ऊपर लौहे के चादरें लगा रखी गई है जिसके कारण बर्फ सीधे दा माल रोड पर गिरती है।

लोनिवि हर साल दा माल रोड पर लाखों रुपये खर्च करके सड़क पर लूक बिछाई जाती (टायरिंग) है। सर्दियों में बर्फ हटाने के लिए जेसीबी मशीन लगाई जाती है उससे सड़क उखड़ जाती है। जिसके कारण बड़े बड़े गड्ढे हो जाते है। फिर दुवारा टेंडर होंगें फिर लाखों रुपये खर्च होंगे।
पांगी प्रशासन इस ओर क्यों ध्यान नहीं दे रहा है क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
जब इस संदर्भ में आवासीय आयुक्त सुखदेव से बात की तो उन्होंने बताया कि साडा के नियम के हिसाब से मकान नहीं बनाये गए हैं। लोगों ने 5 से 6 मंजिल मकान बनाये है व भी गैर कानूनी है। 5 से 6 मंजिल मकान बनाने की परमिशन किसने दी या किससे ली यह जांच के बाद मालूम होगा। उन्होंने यह भी बताया कि साडा में जेई की सख्त जरूरत है

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