सोलन जिले के बद्दी में गांव दासोमाजरा में प्रवासी कामगारों की झुग्गियों में लगी आग में एक बच्ची जिंदा जल गई। एक बच्ची बुरी तरह से झुलस गई, जिसका इलाज चल रहा है। मृतका की पहचान गौरी देवी (8) पुत्री रूप सिंह निवासी तवांड़ा हसनपुर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। घायल बच्ची भी रूप सिंह की है।

बताया जा रहा है कि आग सोमवार को लगी थी, जिसमें दोनों बच्चियां गंभीर रूप से झुलस गई थीं। दोनों को नालागढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां गौरा की हालत नाजुक होने के कारण उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। यहां मंगलवार दोपहर को इलाज के दौरान गौरा ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि आग चूल्हे से उठी चिंगारी से लगी।

उत्तर प्रदेश के अमरोआ जिले के तलावड़ा गांव के रूप सिंह, रामवीर व संजय दासोमाजरा में विभिन्न उद्योगों में कार्यरत हैं। सोमवार को तीनों ड्यूटी पर थे। रूप सिंह पत्नी रचना अपनी 6 माह की बच्ची लक्ष्मी को सुलाने के बाद पानी भरने चली गई। लक्ष्मी के साथ उसकी बड़ी बहन गौरी भी सो गई। पीछे से झुग्गी में भीषण आग लग गई।

जब रचना लौटी तो उसकी तीनों झुग्गियां धू-धू कर जल रही थीं। वह अपनी जान की परवाह किए बिना जल रही झुग्गी में घुस गई। लक्ष्मी को रामवीर के भतीजे टिंकू ने निकाल लिया था, जिससे वह काफी हद तक बच गई। गौरी को रचना निकालकर लाई, लेकिन तब तक वह काफी झुलस गई थी। लोगों की मदद से दोनों को बद्दी अस्पताल पहुंचाया गया।

लक्ष्मी को बचाने वाले रामवीर ने बताया कि बच्चियां रजाई में सो रही थीं। उसे लक्ष्मी तो नजर आई, लेकिन गौरी के बारे में उसे पता नहीं था कि वह भी रजाई के अंदर सो रही है। नहीं तो वह उसे भी सही सलामत बाहर ले आता। बताया जा रहा है कि आग में रामवीर की दुकान भी जलकर राख हो गई, जिससे उसकी आजीविका चलती थी।

सूचना मिलते ही बद्दी से नायब तहसीलदार बलराज नेगी मौके पर आए और उन्होंने रूप सिंह को 10000 रुपये फौरी राहत दी। संजय व रामवीर को 5000-5000 रुपये दिए। DSP नवदीप सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस इसकी जांच की जा रही है।