सुक्खू सरकार पर्यटन को सुधारने की बजाय बिगाड़ने के लिए उठा रही है कदम : जयराम ठाकुर

शिमला:* नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा की वजह से प्रदेश के पर्यटन उद्योग को भारी नुक़सान पहुंचा है। सरकार को पर्यटन के क्षेत्र में सुधार के प्रयास करने चाहिए, लेकिन राज्य सरकार ऐसे-ऐसे नियम बना रही है, जिससे प्रदेश के पर्यटन को बहुत नुक़सान हो रहा है। सुक्खू सरकार द्वारा थोपे गये विशेष पथकर के कारण पर्यटन कारोबारी हिमाचल प्रदेश के बजाय अन्य राज्यों का रुख़ कर रहे हैं। आपदा से जूझ रहे प्रदेश के लिए किसी प्रकार से भी यह अच्छी स्थिति नहीं हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा की वजह से पर्यटकों ने मानसून के मौसम में प्रदेश से किनारा कर लिया और था और महीनों लंबी एडवांस बुकिंग्स कैंसिल करवा ली थी। इस समय भी वही स्थिति बन रही है, जब सर्दी के सीजन में भी पर्यटन सेवा से जुड़े कारोबारी हिमाचल सरकार की नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में पर्यटन कारोबारी मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रख भी चुके हैं लेकिन सरकार द्वारा इस दिशा में अब तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा पर्यटक बसों और टेंपो ट्रैवलर टाइप वाहनों पर अतिरिक्त टैक्स लगा दिया। इस टैक्स की वजह से हर बस ऑपरेटर को चार से पांच दिन के टूर पर 20 से 25 हज़ार अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में पर्यटन कारोबारी हिमाचल की बजाय कश्मीर और राज्यों का रुख़ कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के इस कदम से न सिर्फ़ प्रदेश के पर्यटन उद्योग की कमर टूट रही है अपितु प्रदेश को हर दिन करोड़ों रुपये की राजस्व हानि हो रही है। यदि यह इसी तरह चलता रहा था पर्यटन उद्योग से प्रदेश को होने वाली आय बहुत कम रह जाएगी और पर्यटन उद्योग से जुड़े हज़ारों लोगों के आजीविका का संकट भी खड़ा हो जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा से प्रदेश में पर्यटन को सबसे ज़्यादा नुक़सान हुआ है। इससे उबरने में सरकार के सहयोग की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान की सुक्खू सरकार पर्यटन की कमर तोड़ने में लगी हैं। ऐसे-ऐसे टैक्स लाद रही है की पर्यटन कारोबारी हिमाचल की बजाय अन्य प्रदेशों का रुख़ कर रहे हैं। विभिन्न संस्थाओं के आंकड़ों की माने तो सरकार के इन नियमों परिमाण स्वरूप विंटर सीजन की 90 परसेंट एडवांस बुकिंग लोगों ने रद्द कर दी हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री से निवेदन है कि सरकार के इस निर्णय से होने वाले नुक़सान के बारे में सोचे और पर्यटन उद्योग को संबल प्रदान करने का प्रयास करें।236