उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने की खबर ने सबको सहमा दिया है। उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा नदी पर पावर प्रोजेक्ट के डैम का एक हिस्सा टूट गया है। ग्लेशियर के टूटने से भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। ग्लेशियर टूटने की वजह से अलकनंदा नदी का जल प्रवाह काफी बढ़ गया है। साथ ही धौलीगंगा ग्लेशियर की तबाही के साथ तपोवन में बैराज को भी भारी नुकसान की सूचना मिल रही है। फिलहाल, प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें ग्लेशियर के टूटने के बाद जल-प्रवाह का विकराल रूप देखा जा सकता है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे रेनी गांव के पास धौलीगंगा में जल-प्रवाह बढ़ गया है। वीडियो में धौलीगंगा में बाढ़ का खौफनाक नजारा देखा जाकता है। बताया जा रहा है कि नदी किनारे के कई घर नष्ट हो गए। कुछ लोगों के हताहत होने की भी आशंका जताई जा रहा है। आईटीबीपी के मुताबिक, आपदा को देखते हुए बचाव कार्य के के लिए सैकड़ों आईटीबीपी के जवान निकल पड़े हैं। फिलहाल पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है और नुकसान का अंदाजा भी सामने नहीं आ पाया है। लेकिन जिस तरह आपदा की खबरें आ रही हैं, वह बहुत ही डराने वाली हो सकती हैं।
बताया जा रहा है कि पहाड़ी से ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर इस डैम पर गिरा। इससे डैम का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से डैम का पानी तेजी से अलकनंदा नदी में जाने लगा है। अलकनंदा नदी का प्रवाह बढ़ने से केंद्रीय जल आयोग ने अपनी सभी चौकियों पर अलर्ट जारी किया है। ऋषिकेश तथा हरिद्वार में 6 से 7 घंटे के भीतर इस पानी के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।