भाजपा के पूर्व प्रदेश सचिव ने अपने ही विधायक पर लगाए आरोप।

हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियां गरमाई हुई है। पत्रकार वार्ता कर आरोपा प्रत्यारोप का दौर भी जारी हो गया है। इसी कड़ी में पूर्व भाजपा प्रदेश मीडिया प्रमुख एवं प्रदेश सचिव प्रवीण शर्मा ने मंडी सदर से भाजपा विधायक अनिल शर्मा को लपेटे में लिया और खूब आरोप लगाये साथ ही कहा कि उनके 4 वर्षों का कार्यकाल सिर्फ मैं, मेरा परिवार, और मेरे हित की राजनीति तक ही सीमित होकर रह गया है।

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश मीडिया प्रमुख व प्रदेश सचिव प्रवीण कुमार शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता में विधायक अनिल शर्मा को घेरते हुए कहा की विधायक की निष्क्रियता और अहम के चलते सदर विधानसभा क्षेत्र के विकास की गति धीमी पड़ चुकी है उनके 4 वर्षों का कार्यकाल सिर्फ मैं, मेरा परिवार, और मेरे हित की राजनीति तक ही सीमित होकर रह गया है व्यक्तिगत स्वार्थ की उनकी इस राजनीति के कारण मंडी की जनता को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

प्रवीण कुमार ने कहा कि अपने इस कार्यकाल में सदर विधायक पूरी तरह से असफल साबित हुए हैं और अब अपनी असफलता को छुपाने के लिए वह एक कामचोर बच्चे की तरह बहाने बना रहे हैं कभी उनकी बात को अफसर नहीं सुनते तो कभी सरकार नहीं सुन रही है अगर उनकी काई नही सुन रहा तो उन्हे चुपचाप त्याग पत्र देना चाहिए। उन्होंने हमेशा जनता के हितों पर व्यक्तिगत स्वार्थ और परिवार के स्वार्थ को ही अहमियत दी है। उन्हाहने कहा कि अनिल शर्मा की परिभाषा देखी जाए तो अ से अकमन्य, नि से निष्क्रिय और ल से लजाहीन राजनितज्ञ के रूप में परिभाषित कर सकते है।

प्रवीण शर्मा ने कहा कि जो सबसे नालायक बच्चा उसका बसता हमेशा से सबसे भारी होता है। ये उस कामचोर बच्चे की तरह हो चुके है जिनके पास हमेशा कोई ना कोई बहाना है होमवर्क न करने का, पहले भी इस तरह के आरोप लगाते रहे और अब भी ऐसे ही बहाने लगा रहे है। मंडी के जनता का दुर्भाग्य देखिए की हमे इस तरह के व्यक्ति ढोने पड़ रहे है हमारा हक बनता है कि हम इनसे विकास के बारे में प्रश्न करे। मेरा ये मानना है कि अगर इनसे राजनीति नही चलती है तो इन्हे अपने पद से त्याग पत्र देना चाहिए।