लुधियाना में बेटे की मौत का गम बर्दाश्त नहीं कर पाने की वजह से एक व्यक्ति की जन चली गई। आरोप है कि उसके बेटे की नशामुक्ति केंद्र में यातनाएं देकर हत्या की गई है। इसके बाद अधेड़ उम्र का पिता इतना टूट गया कि उसने बिस्तर पकड़ लिया। नौबत अस्पताल में भर्ती कराने की आ गई और इतना ही नहीं, 22 दिन अस्पताल में रहने के बाद इस शख्स ने दम तोड़ दिया।

मिली जानकारी के अनुसार लुधियाना के जमालपुर का मानव नामक युवक नशे का आदी था। लत छुड़वाने के लिए घर वालों ने उसे हिमाचल प्रदेश के गगरेट में एक नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। इसके बाद उसकी मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि उसकी जान नशामुक्ति केंद्र में दी गई यातनाओं की वजह से गई है। इस संबंध में परिजनों के आरोप के आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था। दरअसल, सोमवार को ही मानव के परिजन नशामुक्ति केंद्र में हुई कथित हत्या के मामले में पुलिस को लिखित शिकायत देकर आए थे। उनका आरोप है कि उनके बेटे के साथ अमानवीय व्यवहार करके उसे मारा गया है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

उधर, मानव की मौत के बाद उसका पिता नरेंद्र कौशिक मानसिक अवसाद में आ गया। वह इतना बीमार हो गया कि 9 मार्च को उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार सुबह नरेंद्र कौशिक ने अंतिम सांस ली। इस बारे में मानव के मामा प्रदीप ने बताया कि नशे की वजह से एक परिवार टूट जाएगा, इसका अंदाजा नहीं था। नशामुक्ति केंद्र संचालकों ने एक नहीं दो हत्याएं की हैं। एक मानव की और दूसरी मानव के पिता नरेंद्र की। इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।