टिहरा ( मंडी ) -उपमंडल सरकाघाट के तहत चोलथरा पंचायत को तोड़ कर नई पंचायत सरौन तो बना दी ,लेकिन पंचायत मुख्यालय को लेकर पंचयात प्रतिनिधि और विभाग सक्रिय नहीं दिख रहा है । नई पंचायत को बने करीब पांच महीने होने को हैं लेकिन नई पंचायत को अभी तक अपना या किराए का भवन नहीं मिल पाया , जिसके चलते पंचायत संबंधी कार्यों के लिए लोगों को पुरानी पंचायत चोलथरा ही जाना पड़ रहा है ।

क्योंकि नई पंचायत सरौन का कार्यालय भी पुरानी पंचयात में ही रखा गया है । जिसके लिए पंचायत संबंधी कार्यों के लिए लोगों को पहले जैसी दूरी तय कर के जाना पड़ता है । पंचायत बासियों में विजय कुमार , राज कुमार , करतार सिंह , रमेश कुमार , वीरी सिंह कृष्ण चन्द विशाल सहित अन्य कई लोगों ने एक ओर जहां नई पंचयात बनाने का सरकार का धन्यवाद किया है वहीं दूसरी ओर पंचयात मुख्यालय चोलथरा ही रखने का विरोध किया है ।

उन्होंने कहा कि यदि पंचयात का मुख्यालय चोलथरा ही रहेगा तो नई पंचयात बनाने का अबाम को क्या लाभ होगा ।उक्त लोगों ने प्रशासन व विभाग से मांग की है कि नवनिर्मित पंचायत का मुख्यालय पंचायत के केंद्र में होना चाहिए । विभाग और पंचयात प्रतिनिधियों को चाहिए कि जब तक पंचायत का अपना भबन नहीं बनता तब तक पंचयात कार्यालय किराए के भवन में चलाया जाय ताकि लोगों को पंचयात संबंधी कार्यों के लिए दूर न जाना पड़े ।

इस बाबत जब पंचायत निरीक्षक धर्मपुर राकेश कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया कि पंचयात प्रतिनिधि जमीन का प्रबंध करे नए भवन का निर्माण हो जायेगा । जहां तक किराए के भवन का सवाल है तो यदि कोई अपना भवन बिना किराये के दे सकता है तो पंचायत कार्यालय वहां बदल दिया जायेगा ।