नियमों को ताक पर रखकर की थी घटिया पीपीई किट की खरीद

साल 2020 में कोरोना काल के दौरान बिलासपुर में पीपीई किट की खरीद नियमों को ताक पर रखकर की गई थी। इस मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई है। इसमें घटिया पीपीई किट सप्लाई करने वाली कंपनी पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। घटिया पीपीई किट की खरीद करने और मामला सामने आने के बाद किट की खेप को बदलने की कोशिश करने वाले तत्कालीन अधिकारी पर इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

उक्त अधिकारी ने ही पीपीई किट खरीदी थी और फर्म को ऑर्डर भी दिया था। खास बात यह है कि खरीद ऊना से की गई जबकि अधिकारी भी ऊना से ही संबंध रखता है। इस अधिकारी का नाम ऑफिसर विद डाउटफुल इंटेग्रिटी (संदिग्ध निष्ठा वाले) सूची में भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि मामला सामने आने के बाद विजिलेंस को इसकी जांच दी गई थी। बाद में जांच वापस लेकर जिला प्रशासन को सौंप दी गई थी। तत्कालीन एडीएम ने जांच पूरी की और रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी। उपायुक्त पंकज राय ने अब रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी है।

मार्कंडेय खंड के तत्कालीन बीएमओ ने चिकित्सकों को घटिया पीपीई किट पहनाने से मना कर दिया, जिसके बाद यह मामला सामने आया जांच रिपोर्ट में लिखा – जिस फर्म से पीपीई किट खरीदी गई, अधिकारी ने उनकी जांच नहीं की बिना जांच चिकित्सकों और फ्रंट लाइन वर्करों तक पीपीई किट पहुंचा दी गईं