एक तरफ जहां विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे होते हैं, वहीं दूसरी तरफ अभी भी जमीनी हकीकत यह है कि सड़क न होने पर आपातकाल में मरीजों को चारपाई पर सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है। जिला ऊना के कुटलैहड़ क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जब सड़क सुविधा न होने की वजह से रात करीब साढ़े 12 बजे कोरोना पॉजिटिव मरीज तक एम्बुलैंस नहीं पहुंच पाई।

ऐसे में संकट खड़ा हुआ कि गंभीर रूप से बीमार 58 वर्षीय महिला मरीज आखिर एम्बुलैंस तक कैसे पहुंचाई जाए। मामला सोलहसिंगी धार के तहत ग्राम पंचायत पिपलू के गांव रेड़कू से जुड़ा हुआ है। संकट के ऐसे समय में गांव के लोगों ने इंसानियत दिखाई और संक्रमित महिला को चारपाई पर करीब एक किलोमीटर दूर एम्बुलैंस तक पहुंचाया।

सड़क सुविधा होती तो यह स्थिति न होती
क्षेत्र के बीडीसी सदस्य तथा पंचायत उपप्रधान मदद के लिए आगे आए। ऐसे समय में जबकि कोरोना संक्रमितों को देखकर लोग किनारा कर लेते हैं और दूर भागते हैं लेकिन पहाड़ के इन लोगों ने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए इस बीमार कोरोना संक्रमित महिला की मदद की।

अपनी परवाह न करते हुए करीब 5 से अधिक लोगों ने चारपाई पर अत्यधिक बीमार महिला को रात साढ़े 12 बजे ऊबड़-खाबड़ रास्ते में अंधेरे के बीच एम्बुलैंस तक पहुंचाया ताकि उसे अस्पताल में दाखिल किया जा सके। यदि सड़क सुविधा होती तो यह स्थिति न होती।

सभी सदस्य हुए आइसोलेट, होंगे टैस्ट
पंचायत उपप्रधान ने माना कि रात साढ़े 12 बजे महिला को आपात स्थिति में एम्बुलैंस तक पहुंचाने के लिए केवल यही एक विकल्प था। खतरा तो था लेकिन गांव के लोगों की खातिर वह तमाम खतरे उठाने के लिए तैयार हो गए। महिला को एम्बुलैंस तक पहुंचाने वाले सभी सदस्यों ने ग्लव्ज, मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग किया। बांस भी काफी दूर से पकड़े थे। इसके बावजूद सभी लोग आइसोलेट हो गए हैं और टैस्ट करवाए जाएंगे।’

कुछ दिन पहले महाराष्ट्र से लौटा था परिवार
कुटलैहड़ क्षेत्र के रेड़कू गांव का परिवार महाराष्ट्र से कुछ दिन पहले ही लौटा था। लॉकडाऊन की स्थिति के चलते यह अपने गांव आया। 5 पारिवारिक सदस्यों में से 3 पॉजीटिव आए। इसके बाद इन्हें आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाना था। भले ही परिवार बाहर से आया था लेकिन ग्राम पंचायत उपप्रधान सहित गांव के लोगों ने बाहर रहने वाले इस परिवार की मदद करने का बीड़ा उठाया।

तमाम खतरे को नजरअंदाज करते हुए चारपाई को बांसों से बांधकर बीमार महिला को एम्बुलैंस तक पहुंचाया। इस महिला का पॉजिटिव बेटा भी उसके साथ गया है जबकि एक सदस्य अभी घर पर क्वारंटाइन किया गया है।