विक्रांत शर्मा बिलासपुर – राष्ट्रीय बांस मिशन की जिला स्तरीय बांस विकास अभिकरण की बैठक राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। उन्होंने बताया कि जिला में 15 हैक्टेयर क्षेत्र में लगभग 6500 उन्नत प्रजाति के बांस पौध रोपित किये जाने प्रस्तावित है जिनमें से 2700 पौधे वितरित किये जा चुके है।

उन्होंने बताया कि ये पौधे हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर द्वारा उपलब्ध करवाए गए है। उन्होंने बताया कि 2020-21 के लिए 29.40 लाख रू0 की वार्षिक योजना का प्रस्ताव अनुमोदन राज्य स्तरीय बांस विकास अभिकरण को भेजा गया। उन्होंने यह आग्रह किया कि जिला में उन्हीं प्रजातियों को लगाया जाये जो इस क्षेत्र के लिए उपयुक्त हों तथा उनका व्यवसायिक रूप में भी उपयोग हो सके जैसे बांस का आचार, फर्नीचर, बाॅंसलोचन, चारकोल, वस्त्र

उद्योग, आभूषण, सजावटी सामान, इत्र, इमारती लकड़ी इत्यादि पर बल दिया जाये। उन्होंने बताया कि बांस आधारित उद्योगों को चिन्हित कर इसमें कार्यरत कारीगरों के प्रशिक्षण व कौशल विकास के लिए भी आवश्यक पग उठाये जा रहे है जिसके तहत उन्हें प्रशिक्षण और प्रदर्शन भ्रमण करवाया जाएगा। उन्होंने कृषि

उप-निदेशक व परियोजना अधिकारी ग्रामीण विकास अभिकरण को निर्देश दिए कि वह स्वंय सहायता समूहों की भागीदारी भी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं डाॅ0 सुमन कुमार, परियोजना अधिकारी ग्रामीण विकास अभिकरण आर0 के0 गौतम, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केंद्र प्रोमिला शर्मा, उप-निदेशक कृषि बिलासपुर कुलदीप सिंह पटियाल तथा किसान प्रतिनिधि बलदेव ठाकुर उपस्थित थे।