गालीबाज पर पहले भी हैं 10 मुकदमे दर्ज, ये है श्रीकांत त्यागी की पूरी क्राइम कुंडली

ग्रांड ओमेक्स सोसाइटी में महिला से बदसलूकी और गली गलौज करने वाले श्रीकांत त्यागी की पूरी क्राइम कुंडली अब खुल कर सामने आ गई है.  श्रीकांत त्यागी पर महिला के साथ गली गलौज करने के साथ साथ अन्य कई अपराधिक मामले दर्ज है.  साथ ही खुद का रसूख दिखाने के लिए जालसाजी से विधानसभा का पास और यूपी सरकार का लोगो लगाकर VVIP नंबरों की गाड़ियों का प्रयोग किया करता था. श्रीकांत त्यागी को गिरफ्तारी को लेकर नोएडा पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया की  लगभग 5 दिनों तक नोएडा पुलिस की दर्जन भर टीम लगातार छापेमारी करती रही.  दर्जनों पुलिसकर्मी पुलिसकर्मी सर्विलास पर लगातार नजर बनाए रहे .

देता रहा चकमा
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि श्रीकांत त्यागी अपनी फरारी के वक्त बहुत जल्दी -जल्दी मोबाइल फोन और गाड़ियों को बदल कर पुलिस चकमा देता रहा .  मेरठ, गाजियाबाद , बागपत , मुज्जफरनगर , और उत्तराखंड के अलग अलग इलाको में पुलिस से छिपता रहा. इस दौरान पुलिस के पहुंचने से कुछ समय पहले ही श्रीकांत के निकलने की जानकारी पुलिस को मिलती थी.  लेकिन नोएडा पुलिस ने हिम्मत नही हारी और लगातार श्रीकांत का पीछा साए की तरह नोएडा पुलिस ने किया.  9 अगस्त मंगलवार सुबह पुलिस को जानकारी मिली की श्रीकांत त्यागी उत्तराखंड की तरफ से नोएडा आ रहा है इसी पर टीम एक्टिव हुई और मेरठ से गाजियाबाद वाले हाईवे से ब्लेनो कार में सवार श्रीकांत त्यागी और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया.

बढ़ाई गई धाराएं
श्रीकांत त्यागी का महिला को गाली देने का वीडियो वायरल होने बाद पुलिस हरकत में आई और श्रीकांत त्यागी पर दर्ज मुकदमे की धाराएं बढ़ाई गई.  गालीबाज श्रीकांत त्यागी के फ्लैट से VVIP नम्बर 3 गाडियां बरामद कर उनको जप्त किया गया.  श्रीकांत त्यागी पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया. गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने का बयान नोएडा पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने दिया.  साथ ही नोएडा प्राधिकरण हरकत में आई और ढाई साल  से पेंडिंग पड़ी कार्यवाही को करते हुए श्रीकांत त्यागी के फ्लैट का अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया.  श्रीकांत त्यागी की संपति को लेकर जिला प्रशासन और प्राधिकरण ने सर्वे किया और GST विभाग ने श्रीकांत त्यागी के धर्म काटे पर छापा मारा व लेन देन से जुड़ी जानकारी जुटाई.  प्राधिकरण और जिला प्रशासन के सर्वे में श्रीकांत की मार्केट और जमीन को तलाश कर लिया गया है अब अवैध निर्माण पर बुलडोजर चालने की कवायत जारी है.

 नेताओं के संरक्षण में VVIP लाईफ जीने की चाहत में बना गैंगस्टर 
नोएडा पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया की श्रीकांत त्यागी गाड़ियों के VVIP नबर नीलामी में खरीदता था और श्रीकांत त्यागी के पास से 5 गाडियां जप्त की गई है. ये पांचों गाड़ी VVIP नंबर की है और साथ ही एक गाड़ी पर यूपी सरकार लोगो व एक गाड़ी पर यूपी विधान सभा का पास लगा मिला है. इस जालसाजी के लिए भी एक केस दर्ज किया गया है.  साथ ही विधान सभा पास को लेकर श्रीकांत त्यागी ने नोएडा पुलिस को बताया की सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने उसको पास दिलाने में मदत की थी. अब इस विधान सभा पास को लेकर भी हाई लेवल जांच होने के संकेत मिले है.  इस मामले में कई लोगों के नाम सामने आ सकते हैं.

 टीम को मिला 3 लाख का इनाम
आपको बता दे की श्रीकांत त्यागी की गिरफ्तारी के लिए नोएडा पुलिस  के तेज तर्रार दर्जनों पुलिसकर्मियों को कमिश्नर आलोक सिंह ने जिमेदारी दी थी. जिसमें  शामिल अफसर और अन्य पुलिसकर्मियों ने बखूबी जिमेदारी निभाई.  श्रीकांत त्यागी की गिरफ्तारी के बाद प्रमुख सचिव गृह की तरफ से दो लाख और डीजीपी उत्तर प्रदेश की तरफ से एक लाख का पुरुस्कार दिया गया है.