आजादी का अमृत महोत्सव संगोष्ठी में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने की शिरकत।

सोशल मीडिया के लिए मीडिया पॉलिसी बनाने पर हुई चर्चा
शिमला ( ) : भारतीय पत्रकार कल्याण मंच द्वारा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय विश्राम गृह में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी आजादी का अमृत महोत्सव मैं हिमाचल प्रदेश सरकार के शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। भारतीय पत्रकार कल्याण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन आश्री व राष्ट्रीय महासचिव मेवा सिंह राणा ने मुख्य अतिथि सुरेश भारद्वाज, ओएसडी सौरभ चौहान व मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा का बुके भेंट कर स्वागत किया। हरियाणा से आए कलाकार गोगा सिंह ने गीता के श्लोक को व अपने कंठ से शंख की ध्वनि निकाल कर सबको भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने मेरा रंग दे बसंती चोला गीत गाकर मंच की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि दी। आजादी के 75 साल पूरे होने पर आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सुरेश भारद्वाज ने कहा कि बड़े संघर्षों और बलिदानों के बाद हमें आजादी मिली है। आजादी का अमृत महोत्सव वास्तव में शहीदों के बलिदानों को नमन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का महोत्सव है। उन्होंने कहा कि आज जिस खुली हवा में हम सांस ले रहे हैं। इस आजादी को दिलाने के लिए न जाने कितने वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है। इनमें से बहुत सारे स्वतंत्रता के दीवाने ऐसे भी थे जो इतिहास के पन्नों में कहीं गुम हो गए हैं। उन सभी वीर बलिदानियों को समर्पित यह आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आजादी के लिए आंदोलन चलाए गए और बलिदान दिए गए। उसी प्रकार से पत्रकारों ने भी आजादी की अलख जगाने के लिए और स्वतंत्रता को जन आंदोलन बनाने के लिए अहम भूमिका उस समय अदा की थी। पत्रकारिता का वह दौर लोकमान्य तिलक जैसी पत्रकारों और स्वतंत्रता सेनानियों का था। जिनकी कलम की गूंजने अंग्रेजी सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। उन्होंने भारतीय पत्रकार कल्याण मंच का धन्यवाद करते हुए कहा कि कि मंच पिछले लंबे समय से पत्रकारों के हित में कार्य करता आ रहा है जिस प्रकार से मंच द्वारा हरियाणा में पंजाब में पत्रकारों के लिए पेंशन योजना व अन्य सुविधाएं शुरू करवाई है उन से प्रेरित होकर हिमाचल प्रदेश सरकार भी पत्रकारों के कल्याण के लिए योजना तैयार करें ताकि जोखिम भरे माहौल और विकट परिस्थितियों में काम करने वाले पत्रकारों के कल्याण की दिशा में कार्य किया जा सके। सुरेश भारद्वाज ने हिमाचल के पत्रकारों को आश्वासन देते हुए कहा कि वह इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे ताकि पत्रकारों के हित में मीडिया पॉलिसी तैयार की जा सके। भारतीय पत्रकार कल्याण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन आश्री ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि मंच पिछले 20 वर्षों से लगातार पत्रकारों के कल्याण के लिए कार्यकर्ता आ रहा है। जिसके तहत मंच द्वारा हरियाणा सरकार द्वारा तैयार की गई मीडिया पॉलिसी मैं अहम भूमिका निभाई थी। उसी तर्ज पर मंच हिमाचल सरकार से भी आगरा करेगा की हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल के पत्रकारों को भी पेंशन व स्वास्थ्य सुविधाएं देने हेतु मीडिया पॉलिसी तैयार करें ताकि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती प्राप्त हो सके। उन्होंने सोशल मीडिया के पत्रकारों के लिए भी कोई नीति निर्धारक नियम तैयार करने बारे सरकार से अनुरोध करने की बात कही। उन्होंने बताया कि मंच द्वारा प्रतिवर्ष पत्रकारों का 10 लाख रुपए का बीमा करवाया जाता है। इसके अलावा किसी पत्रकार की आकस्मिक मृत्यु होने पर सरकार के सहयोग से परिवार को 2 लाख रुपए का मुआवजा भी दिलवाया जाता है। पवन अश्विनी स्पष्ट करते हुए कहा कि वे स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि पत्रकारिता की आड़ में पीत पत्रकारिता करने वाले लोगों से उनका कोई वास्ता नहीं रहता। उन्होंने बताया कि यदि पत्रकारिता की आड़ में कोई व्यक्ति गलत काम करता है या फिर ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है तो भारतीय पत्रकार कल्याण मंच ऐसे पत्रकारों का डटकर विरोध करता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता भले ही आज मिशन ने रही हो लेकिन फिर भी पत्रकारिता अपने उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए आज भी आम आदमी की अंतिम उम्मीद व लोकतंत्र की शक्ति बनकर अपने दायित्व का निर्वहन कर रही है। मंच का संचालन कर रहे मेवा सिंह राणा ने भी मंच की गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया। कार्यक्रम के उपरांत अध्यक्ष पवन आश्री व महासचिव मेवा सिंह राणा ने कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज व उनके साथ आए अतिथिगणों को समृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। मंत्री सुरेश भारद्वाज ने हिमाचल, चंडीगढ़, दिल्ली का उत्तराखंड दिल्ली उत्तर प्रदेश, पंजाब व हरियाणा के पत्रकारों आरती शर्मा, चारु सोलंकी, बुन्नी शर्मा, कमल भारद्वाज, मनोज शांडिल्य, गौरव शूद, सुमन, दिनेश, अजय ठाकुर, समीक्षा, सुशांत, रोहित लामसर, नरेश वधवा, शिवचरण राणा, संजीव राणा, पवन चोपड़ा, पाशाराम, सत्यवान, संजीव बंसल, मोहित सैनी, कुलवंत शर्मा, बलदेव बरेटा, संजीव वर्मा, करण बुट्टी, सचिन, जय भगवान शर्मा, जयप्रकाश दहिया आदि को सम्मानित किया।