एक क्लेरिफिकेशन की वजह से सहायक जिला न्यायवादी का रिजल्ट लटक गया है। मजे की बात यह है कि भर्ती में पूर्व सैनिकों की विवाहित बेटियों को कोटा

मिलेगा या नहीं, इस बारे में न तो हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन को जानकारी है और न ही सरकार को। ऐसे इसलिए, क्योंकि करीब दो महीने से इसी

वजह से अस्सिटेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का रिजल्ट इसी वजह से लटक गया है, क्योंकि इस पर क्लेरिफिकेशन ही नहीं मिल पा रही। हिमाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीश

ने कैंडिडेट्स को मिलने वाले कोटे पर क्लेरिफिकेशन मांगी है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई क्लेरिफिकेशन ही नहीं दी गई। ऐसे में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी

परेशान हैं। वहीं हर परीक्षा में छात्रों के लिए टाइम बाउंड रहता है, लेकिन ऐसी क्लेरिफिकेशन की वजह से अटकने वाले परिणाम में सरकार और भर्ती आयोजित करवाने वाले आयोग के लिए कोई टाइम बाउंड ही नहीं होता। इसलिए एक साल से

यह भर्ती प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी तक इसका रिटन रिजल्ट ही नहीं घोषित हो पाया है। दरअसल दो मई, 2018 को एचपीपीएससी ने एडीए के 24 पदों के लिए

नोटिफिकेशन की। इसमें दो पद वार्ड ऑफ जनरल एक्स सर्विसमैन के लिए आरक्षित थे। इसके बाद 30 सितंबर, 2018 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई।

29 मार्च को एचपीपीएससी की ओर से अभ्यर्थियों की प्रोपोज्ड लिस्ट निकाली गई। इसमें वार्ड ऑफ जनरल एक्स सर्विसमैन के पद पर अभ्यर्थियों को इसलिए बाहर किया गया, क्योंकि महिला कैंडिडेट की शादी हो चुकी थी, लेकिन अभ्यर्थियों ने इस

पर अपनी आपत्ति दर्ज करवा दी। अब दो माह से इस बात पर क्लेरिफिकेशन की फाइल एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर घूम रही है, लेकिन अभी तक इस पर स्पष्टिकरण ही नहीं मिल रहा कि पूर्व सैनिकों की बेटियां, जिनकी शादी हो चुकी है, उन्हें कोटा

मिलेगा या नहीं। ऐसे में अभ्यर्थी परेशान हैं। साथ ही एक बार फिर यह साबित हो गया कि सरकारें भर्ती करवाने में कितनी तेजी दिखाती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here