दिल्ली पुलिस जल्द ही गूगल को पत्र लिखकर उस आईपी एड्रेस या स्थान की जानकारी मांगने जा रही है जहां से ‘टूलकिट’ वाली डॉक्यूमेंट फाइल बनाई गई थी और सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर अपलोड की गई थी। सूत्रों ने बताया कि यह ‘टूलकिट’ के ऑथर्स की पहचान करने के लिए किया जा रहा है जिन्होंने गूगल डॉक्यूमेंट (Google Doc) फाइल शेयर की थी।

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के मामले में चल रही जांच को लेकर दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धाराओं 124A, 153A, 153, 120 B के तहत केस दर्ज किया है। एफआईआर में अभी किसी को नामजद नहीं किया गया है, यह केवल ‘टूलकिट’ के क्रिएटर्स के खिलाफ दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस की साइबर इस मामले की जांच कर रही है।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (क्राइम) प्रवीर रंजन ने गुरुवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने किसान आंदोलन के मामले में खालिस्तानी समर्थक संगठन द्वारा तैयार और पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग और अन्य द्वारा ट्विटर पर शेयर किए गए ‘टूलकिट के संबंध में गुरुवार को एक एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आरोप लगाया कि शुरुआती जांच के मुताबिक, इस ‘टूलकिट’ का मकसद भारत सरकार के खिलाफ ‘सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जंग छेड़ना था।

क्या ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, यह पूछे जाने पर प्रवीर रंजन ने कहा कि अभी इस मामले में किसी को भी नामजद नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आपराधिक साजिश, राजद्रोह और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।